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MP News: सबलगढ़ में पराली की आग में जिंदा जली गाय, प्रशासनिक लापरवाही पर भड़के ग्रामीण

Stubble Fires

पराली की आग

रिपोर्ट – मनोज शर्मा

MP News: सबलगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत रामपुरा गिर्द के ग्राम इटवा में पराली जलाने की घटना ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी. खेत में लगाई गई आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसकी चपेट में आकर एक गाय जिंदा जल गई. घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली.

ग्रामीणों का कहना है कि पराली जलाने पर सुप्रीम कोर्ट और प्रशासन द्वारा सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं, इसके बावजूद क्षेत्र में खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास के खेतों और पशुओं पर भी खतरा मंडराने लगा. ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था.

जिम्मेदार कर्मचारी गांव से नदारद

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत के जिम्मेदार कर्मचारी रोजगार सहायक, पंचायत सचिव, ग्राम सेवक और कोटवार गांव में कभी दिखाई नहीं देते. किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए न तो कोई जागरूकता अभियान चलाया गया और न ही घटना के समय कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा.

गांव के लोगों का कहना है कि पंचायत स्तर पर निगरानी व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. यदि जिम्मेदार कर्मचारी सक्रिय रहते तो ऐसी घटना को रोका जा सकता था. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित होकर रह गए हैं.

पर्यावरण और पशुओं पर मंडरा रहा खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार पराली जलाने से जहरीला धुआं फैलता है, जिससे पर्यावरण प्रदूषण तेजी से बढ़ता है. साथ ही मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है और पशु-पक्षियों की जान पर भी खतरा बना रहता है. इटवा गांव की यह घटना इसका ताजा उदाहरण बनकर सामने आई है.

कार्रवाई की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पराली जलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए और पंचायत के जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं बरती गई तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं.

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