Vistaar NEWS

वन विभाग ने बूढ़ा मानकर किया रिटायर, MP HC के आदेश पर दोबारा नौकरी करेगा कर्मचारी, 59 साल पर ही हटा दिया था

MP Gwalior High Court (File Photo)

MP ग्वालियर हाई कोर्ट(File Photo)

MP News: मध्य प्रदेश में वन विभाग की ‘तानाशाही’ को हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. यहां दतिया वन परिक्षेत्र में नौकरी करने वाले एक कर्मचारी को विभाग ने दो बार जबरन रिटायर कर दिया. विभाग के फैसले को रद्द करते हुए हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने वन विभाग को जमकर फटकार भी लगाई है. साथ ही कर्मचारी को 2029 तक नौकरी करने का आदेश दिया है.

विस्तार से जानिए क्या है मामला

साहब सिंह ठाकुर दतिया वन परिक्षेत्र में चौकीदार के पद पर तैनात हैं. उन्होंने अगस्त 1986 में दिहाड़ी के हिसाब से नौकरी शुरू की थी. लगभग 31 साल तक नौकरी करने के बाद उनको नियमित करने की बात आई. लेकिन साहब सिंह के पास कोई भी वैलिड जन्म प्रमाण पत्र नहीं था. जिसके बाद 7 अप्रैल 2017 विभाग ने एज डिटरमिनेशन टेस्ट करवाया. टेस्ट के हिसाब से साहब सिंह की उम्र लगभग 50 साल निकली. जिसके बाद उन्हें नौकरी में नियमित भी कर दिया गया. लेकिन विभाग के अधिकारियों ने एज डिटरमिनेशन टेस्ट को गलत बताते हुए. रिटायरमेंट का आदेश जारी कर दिया.

HC के स्टे बावजूद जारी किया रिटायरमेंट का आदेश

विभाग के रिटायरमेंट के आदेश के बाद कर्मचारी ने हाई कोर्ट में गुहार लगाई. जिसके बाद अदालत ने विभाग के फैसले पर स्टे लगा दिया. लेकिन हैरानी की बात ये है कि विभाग के अधिकारियों ने स्टे के बावजूद 17 अप्रैल 2018 को रिटायरमेंट का एक और आदेश जारी कर दिया. मतलब एक ही कर्मचारी को रिटायर करने के लिए दो बार आदेश जारी किया. इस बार तो साहब सिंह को 62 का साल बता दिया. इसके बाद कर्मचारी ने फिर से हाई कोर्ट का रुख किया. जिसके बाद अदालत ने विभाग को जमकर फटकार लगाई.

आर्थिक नुकसान की भरपाई वन विभाग करेगा

हाई कोर्ट के जस्टिस आनंद सिंह बहरावत की सिंगल बेंच ने वन विभाग के रिटायरमेंट के दोनों आदेशों को रद्द कर दिया है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि साहब सिंह ठाकुर पूरे सम्मान के साथ साल 2029 तक नौकरी करेंगे. इसके साथ ही कोर्ट ने वन विभाग को आदेश दिया है कि विभाग की खामी के कारण अब तक कर्मचारी को जो भी नुकसान हुआ और सभी बैक वेजस की भरपाई तत्काल की जाए.

ये भी पढे़ं: MP में इस बार कमजोर मानसून! 47 जिलों में कम हो सकती है बारिश, अलनीनो इफेक्ट से खेती पर संकट मंडराया

Exit mobile version