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Narottam Mishra: दतिया में हार के बाद भाजपा में भीतरघात की खबरों पर नरोत्तम मिश्रा ने लगाया फुल स्टॉप! कहा-आशुतोष मेरे छोटे भाई

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नरोत्तम मिश्रा/ इमेज सोर्स-नरोत्तम मिश्रा एक्स हेंडल

Narottam Mishra: दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की पराजय के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी है. उपचुनाव के नतीजे आने के बाद से सोशल मीडिया पर उनके और भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के बीच मनमुटाव और भीतरघात को लेकर चल रही चर्चाओं पर डॉ. मिश्रा ने विराम लगा दिया है.

तमाम अटकलों को बताया निराधार

उन्होंने इसे पूरी तरह भ्रामक, असत्य और निराधार बताया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने स्पष्ट किया कि आशुतोष तिवारी उनके लिए अनुज समान हैं. उन्होंने लिखा कि दोनों के बीच 25 वर्षों पुराना पारिवारिक और आत्मीय रिश्ता है. डॉ. मिश्रा ने कहा, “दतिया उपचुनाव के बाद मेरे और भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष जी तिवारी को लेकर जो भ्रामक और असत्य बातें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं.

आशुतोष तिवारी के प्रति जताया प्रेम

नरोत्तम मिश्रा ने अपने पोस्ट में आशुतोष के प्रति प्रेम दिखाया. उन्होंने लिखा, “आशुतोष तिवारी जी मेरे अनुज हैं. उनके प्रति मेरे मन में हमेशा स्नेह और आत्मीयता रही है और आगे भी रहेगी. हमारे बीच न कभी कोई कटुता थी, न आज है. आज भी हमारी मुलाकात हमेशा की तरह उसी गर्मजोशी और अपनत्व के साथ हुई.”

ईमानदार कार्यकर्ता के रूप में देखा है-नरोत्तम

पूर्व गृहमंत्री ने आशुतोष तिवारी को भाजपा का कर्मठ, समर्पित और मेहनती कार्यकर्ता बताते हुए उनकी कार्यशैली की तारीफ भी की. उन्होंने लिखा, “आशुतोष जी भारतीय जनता पार्टी के एक कर्मठ, समर्पित और मेहनती कार्यकर्ता हैं. मेरे चुनाव 2003 डबरा से मैने उन्हें एक ईमानदार कार्यकर्ता के रूप में ही देखा है. मैंने वर्षों से उनकी कार्यशैली को करीब से देखा है. मुझे पूरा विश्वास है कि वे संगठन और जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे. आशुतोष जी ने भी परिणाम के पश्चात किसी का नाम लेकर नाराज़गी नहीं जताई यह भी सभी कार्यकर्ताओं के प्रति उनके मन में सम्मान के भाव का प्रकटीकरण है” !

दोनों नेताओं के बीच पारिवारिक रिश्ता

यही नहीं, पूर्व गृहमंत्री ने बताया कि आशुतोष तिवारी संग उनका पुराना रिश्ता है. उन्होंने लिखा, “आशुतोष तिवारी जी और मेरे बीच 25 वर्षों का पारिवारिक रिश्ता है. वह सदैव मेरे अनुज है, उनके लिए मैं अभिभावक.. हमारा और उनका यह रिश्ता सदैव ऐसे ही बना रहेगा. राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन परिवार, संस्कार और रिश्ते हमेशा स्थायी रहते हैं” !

समर्थकों से की ये अपील

पूर्व गृहमंत्री ने अपने समर्थकों से अपील करते हुए लिखा कि मैं अपने सभी समर्थकों और कार्यकर्ताओं से आग्रह करता हूँ कि वे ऐसा कोई कार्य, टिप्पणी या व्यवहार न करें जिससे पार्टी, संगठन या आशुतोष जी को किसी प्रकार का नुकसान पहुँचे. हमारी ताकत हमारी एकजुटता, अनुशासन और संस्कार हैं.

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