Morena News: जिले में बाल गृह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. कैलाश भवन के सामने केकेएफ संस्था द्वारा संचालित बाल गृह से 14 वर्षीय नाबालिग के गायब होने का मामला सामने आया है. हैरानी की बात यह है कि बच्चे के गायब होने के बाद कथित तौर पर करीब 48 घंटे तक पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी गई. मामला सामने आने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग में भी हड़कंप मच गया है.
नाबालिग को बाल कल्याण समिति को भेजा
जानकारी के मुताबिक, 31 अगस्त को सुमावली थाना पुलिस ने एक 14 वर्षीय नाबालिग को मिर्चिंग हालात में बरामद कर बाल कल्याण समिति के सुपुर्द किया था. बाल कल्याण समिति द्वारा आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद नाबालिग को 1 सितंबर की दोपहर बाल गृह भेजा गया था.
बताया जा रहा है कि 2 सितंबर की सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच नाबालिग बाल गृह से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया. इसके बावजूद पुलिस को तत्काल सूचना नहीं दिए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
प्रबंधन पर उठ रहे गंभीर सवाल
बच्चे के गायब होने के बाद बाल गृह प्रबंधन की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं. आखिर नाबालिग बाल गृह से कब और कैसे बाहर निकला? उसकी निगरानी में चूक कैसे हुई? और सबसे बड़ा सवाल यह कि घटना के बाद पुलिस को तत्काल सूचना क्यों नहीं दी गई?
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मामला सामने आने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है. अब नाबालिग की तलाश के साथ-साथ बाल गृह प्रबंधन की भूमिका और सूचना देने में हुई कथित देरी की जांच की जरूरत है. बाल गृह जैसे संवेदनशील संस्थान से नाबालिग के गायब होने और पुलिस को समय पर सूचना नहीं दिए जाने का मामला प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है.
