रिपोर्ट- मनोज शर्मा
Morena News: मुरैना के कैलारस क्षेत्र के सेमई से रामपुर-विजयपुर एमएस रोड का निर्माण कार्य इन दिनों सवालों के घेरे में है. ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 49 करोड़ रुपये की लागत से बन रही सड़क में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है. सड़क का निर्माण आगे बढ़ रहा है, लेकिन पीछे से कई जगह सड़क की परत उखड़ने और क्षतिग्रस्त होने लगी है.
ग्रामीणों के मुताबिक, कई स्थानों पर सड़क के शोल्डर ढहने लगे हैं, जबकि कहीं सड़क की परत ऊंची-नीची हो गई है. सड़क का लेवल भी सही नहीं होने के कारण कई जगह बारिश का पानी सड़क पर ही जमा हो रहा है. इससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य करा रही अवस्थी कंस्ट्रक्शन कंपनी और संबंधित विभाग के इंजीनियरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता की जांच और निगरानी को लेकर जिम्मेदार अधिकारी गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं.
कई जगह अधूरा पड़ा निर्माण
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के बीच कई स्थानों पर काम छोड़ दिया गया है. वहीं, कुछ पुलिया और अन्य निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरे पड़े हैं. ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण की निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी कई बार अवधि बढ़ाई गई, लेकिन निर्माण कार्य अभी तक पूरी तरह पूरा नहीं हो सका है.
ग्रामीणों का कहना है कि पांच वर्ष की गारंटी की बात तो दूर, निर्माण पूरा होने से पहले ही सड़क में खामियां दिखाई देने लगी हैं. उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की गई.
बड़े हादसे की आशंका
सड़क की क्षतिग्रस्त साइड, खराब शोल्डर, ऊंचे-नीचे लेवल और जगह-जगह अधूरे निर्माण के कारण ग्रामीणों और राहगीरों को दुर्घटना की आशंका बनी हुई है. ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी विभाग से मौके पर निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है.
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों को भी इस समस्या का संज्ञान लेकर सड़क निर्माण की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए, ताकि सरकारी राशि से बन रही सड़क की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके.
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