रिपोर्ट – मनोज शर्मा
Morena News: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय अधिकार प्राधिकरण समिति (सीईसी) के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश गोयल ने समीक्षा बैठक की. मुरैना में बने कंट्रोल रूम से भिंड, मुरैना और श्योपुर जिलों में चंबल नदी की 24 घंटे निगरानी की जाएगी.
तीन राज्यों के अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक
मुरैना में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद चंबल नदी में अवैध रेत उत्खनन पर सख्ती लगातार बढ़ाई जा रही है. इसी क्रम में केंद्रीय अधिकार प्राधिकरण समिति (सीईसी) के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश गोयल ने देवरी घड़ियाल केंद्र विश्राम गृह में मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों के साथ हाईलेवल समीक्षा बैठक की.
आगरा समेत कई जिलों के अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मध्य प्रदेश के भिंड, मुरैना और श्योपुर, राजस्थान के धौलपुर तथा उत्तर प्रदेश के आगरा के जिलाधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे. बैठक में चंबल नदी में अवैध रेत खनन पर रोक, सुरक्षा व्यवस्था और आगे की रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई.
मुरैना वन विभाग कार्यालय में स्थापित किया गया कंट्रोल रूम
सीईसी अध्यक्ष चंद्रप्रकाश गोयल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद चंबल नदी से अवैध रेत उत्खनन पर प्रभावी रोक लगी है. अब सड़कों पर अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पहले की तरह दिखाई नहीं दे रही हैं. उन्होंने कहा कि मुरैना वन विभाग कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से भिंड, मुरैना और श्योपुर जिलों में चंबल नदी की लगातार निगरानी की जाएगी.
घड़ियाल सेंचुरी के संरक्षण और पर्यटन पर भी फोकस
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की मंशा के अनुरूप अवैध उत्खनन को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में प्रशासन को सफलता मिल रही है. साथ ही चंबल घड़ियाल सेंचुरी के संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि चंबल क्षेत्र को सुरक्षित और पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध बनाया जा सके.
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