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‘निर्वाचन आयुक्त को राष्ट्रपति का चुनाव लड़ाया…’, MP कोंग्रेस के प्रदेशव्‍यापी आंदोलन पर बीजेपी का पलटवार

BJP State Vice President Surendra Sharma

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा

रिपोर्ट – शेख शकील

Khandwa News: मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रमुख जीतू पटवारी चुनाव आयोग और एसआईआर की पूरी प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठा रहे हैं, और इसको लेकर वे पूरे प्रदेश भर में सभी जिला मुख्यालयों पर आंदोलन करने की चेतावनी दे रहे हैं. इसी बीच मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और निमाड़ संभाग प्रभारी सुरेंद्र शर्मा ने कांग्रेस और जीतू पटवारी पर जमकर हमला बोला है.

उनका कहना है कि आंदोलन करना कांग्रेस और जीतू पटवारी की किस्मत में ही लिखा है. वो अगले 50 साल तक आंदोलन करते रहें. क्योंकि वो झूठ बोलते हैं, भ्रम फैलाते हैं, सत्य के पक्ष में बोलते नहीं हैं, सत्यता को छुपाते हैं. तो आखिर किस मुद्दे को लेकर आंदोलन करेंगे वो?

मतदाता सूची में हो पाकिस्तान या बंग्लादेशियों के नाम ?

वहीं, एसआईआर को लेकर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा ने जीतू पटवारी पर पलटवार करते हुए कहा कि, कितने लोगों के नाम मतदाता सूची से कटे और उन्होंने शिकायत दर्ज कराई? जीतू पटवारी ऐसे सिर्फ 100 नाम लाकर बता दें, जिनके नाम वास्तविकता में कटे हैं. एसआईआर मतदाता सूची का शुद्धीकरण है. उस पर जीतू पटवारी या कांग्रेस को उस पर आपत्ति क्यों है?

जब तक मतदाता सूची अशुद्ध थी, तब तक कांग्रेस चुनाव जीतती थी. भारत की मतदाता सूची में भारत के नागरिक के नाम होने चाहिए या पाकिस्तानी और बांग्लादेशियों के नाम होने चाहिए? कांग्रेस को संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं है.

कांग्रेस ने निर्वाचन आयुक्त को लड़ाया राष्ट्रपति का चुनाव

1991 का लोकसभा चुनाव में दुर्भाग्य से राजीव गांधी की मृत्यु हुई. नियम ये कहता है कि जिस प्रत्याशी की मृत्यु हुई है, अगर चुनाव वहां शेष है, तो उस स्थान का चुनाव स्थगित किया जाता है. राजीव गांधी जहां से चुनाव लड़ रहे थे, वहां चुनाव हो चुका था. उसके बाद भी एक महीने चुनाव आगे बढ़ाए गए.

सारे देश में राजीव गांधी की अस्थियां इस कांग्रेस ने घुमाईं और कांग्रेस की सरकार बनी और उसका पुरस्कार इसी कांग्रेस ने उस समय के निर्वाचन आयुक्त टी.एन. शेषन को गांधीनगर से लोकसभा लड़ा कर दिया. भारत के राष्ट्रपति का चुनाव लड़ा कर दिया. निर्वाचन आयोग निष्पक्ष है, निष्पक्षता के साथ काम कर रहा है. जीतू पटवारी को मुंह जुबानी करने की जगह प्रमाण के साथ बात करनी चाहिए.

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