Digvijaya Singh On Hindutva: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने हिंदुत्व को लेकर बयान दिया है जो सुर्खियों में बना हुआ है. इंदौर में मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हिंदुत्व का सनातन से कोई लेना-देना नहीं है. हिंदुत्व से समाज में कटुता फैलती है. उनका ये बयान चर्चा में बना हुआ है.
‘हिंदुत्व सावरकर ने 1930 में दिया’
कांग्रेस नेता ने कहा कि हिंदुत्व का जिक्र वेदों और पुराणों में नहीं मिलता है. लोग अनादि मान्यता को छोड़कर हिंदुत्व की ओर जा रहे हैं. सावरकर ने साल 1930 में हिंदुत्व शब्द दिया. उन्होंने कहा कि ये हिंदुओं की पहचान नहीं है. इसका धर्म से कुछ भी लेना-देना नहीं है. एक ओर हिंदुओं का कट्टरपंथी समूह और दूसरी ओर AIMIM के ओवैसी हैं, इन्होंने घर-घर में वैमनस्यता फैलायी है.
पहले भी दे चुके हैं बयान
इससे पहले दिग्विजय सिंह ने कहा था कि हिंदू शब्द का उल्लेख धर्मग्रंथों में नहीं है. बीजेपी और RSS ने सनातन धर्म को तोड़-मरोड़कर सबके सामने पेश किया है. आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद हिंदुत्व को बढ़ावा दे रहे हैं. यही वजह है कि हिंदू-मुसलमान, हिंदू-सिख और हिंदू-ईसाई के बीच दरारें पैदा हुई हैं. धर्मग्रंथों में सनातन का जिक्र मिलता है, ना कि हिंदू शब्द का. इस पर साधु-संतों ने विरोध जताया है.
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20 अक्टूबर से ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’
पूर्व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा निकालने वाले हैं. इसकी शुरुआत 20 अक्टूबर यानी विजयादशमी के दिन से हो रही है. 950 किमी की यात्रा पैदल ही करेंगे. इस यात्रा से पहले उनका ये बयान हिंदू मान्यता के विरोध के तौर पर देखा जा रहा है.
