Khargone News: खरगोन के एक परिवार ने उस समय राहत भरी सांस ली, जब उनके परिवार का एक खोया हुआ सदस्य वापस मिल गया. परिजन जिसे वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के आश्रम में ढूंढ रहे थे. वह करीब एक महीने बाद जम्मू के पास भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर मिला. करीब 1600 किमी का रास्ता तय करके एमपी पुलिस जम्मू पहुंची और उसे खरगोन लेकर आई, जहां उसे परिजनों को सौंप दिया गया.
परिजनों ने दर्ज कराई शिकायत
दरअसल, खरगोन जिले के रायलबेड़ा में रहने वाला 21 साल का युवक राजेंद्र सिंह चौहान पर प्रेमानंद महाराज का गहरा अनुभव था. उनके दर्शन की चाह में वह 1600 किमी दूर जम्मू के पास भारत-पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर पहुंच गया. 1 सितंबर को राजेंद्र घर से निकला था. उसके परिजनों ने उसे आसपास खोजा. जब नहीं मिला तो 6 सितंबर को खरगोन कोतवाली में मामला दर्ज कराया.
केस दर्ज करने के बाद थाना प्रभारी निरीक्षक बनवारी लाल मंडलोई के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया. जब पुलिस ने सीसीटीवी खंगाले तो युवक के खंडवा जाने के संकेत मिले. इसके बाद परिजनों ने उसके वृंदावन जाने की आशंका जताई. करीब एक महीने बाद युवक सही सलामत मिल गया.
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आखिर युवक कैसे पाक बॉर्डर तक पहुंचा?
पुलिस के अनुसार लापता राजेंद्र वृंदावन पहुंचा था. बताया जा रहा है कि उसे समझ नहीं आया जिसकी वजह से वह रास्ता भटक गया और जम्मू कश्मीर पहुंच गया. वह भारत और पाकिस्तार बॉर्डर पर स्थित सैनिक कॉलोनी में पहुंच गया. जहां समाजसेवी जितेंद्र सिंह ने उसे अपने घर में सुरक्षित रख लिया. इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई. इस पूरे मामले में कई लोगों की भूमिका सामने आई है, जिनमें पुलिस, समाजसेवी शामिल हैं. यही कारण है कि युवक वापस लौट पाया.
