रिपोर्ट – अनिल साहू
MP News: डिंडौरी जिले के पड़रिया कला स्थित एकीकृत शासकीय हाई स्कूल की बदहाल तस्वीरें शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं. यहां कक्षा 6वीं से 10वीं तक के करीब 101 छात्र-छात्राएं जर्जर और टपकती छत के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं. स्कूल में डिंडौरी के साथ-साथ पड़ोसी अनूपपुर जिले के छात्र भी अध्ययनरत हैं.
मिडिल स्कूल को वर्षो पहले मिला हाई स्कूल का दर्जा
मिडिल स्कूल को वर्षों पहले हाई स्कूल का दर्जा तो दे दिया गया, लेकिन आज तक नए भवन का निर्माण नहीं हो सका. बारिश के दौरान पानी टपकने से बचाव के लिए स्कूल की छत पर प्लास्टिक की पन्नियां बिछाई गई हैं, जबकि कक्षाओं के अंदर भी प्लास्टिक तानकर किसी तरह पढ़ाई कराई जा रही है. भवन की स्थिति इतनी जर्जर है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
बच्चों की सुरक्षा को लेकर बनी है चिंता
स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा सका है. गौरतलब है कि डिंडौरी जिले में जर्जर भवनों में संचालित स्कूलों का यह पहला मामला नहीं है.
लगातार ऐसे मामले सामने आने के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बच्चों की सुरक्षा और बेहतर शिक्षा ज्यादा जरूरी है या फिर व्यवस्था की खामियों को छिपाना?
ये भी पढे़ं- दमोह में भारी बारिश से बर्बाद हुई मक्के की फसल, किसानों ने राज्य सरकार से की मुआवजे की मांग
