Vistaar NEWS

आर्थिक तंगी भी नहीं आई आड़े! जबलपुर के ओम को NEET एग्जाम में मिली सफलता, हासिल किए 521 अंक

Jabalpur Om Chouksey scored 521 marks in NEET UG 2026 exam

जबलपुर के ओम चौकसे ने neet एग्जाम में 521 अंक हासिल किए

Jabalpur Neet Topper: हौसले अगर बुलंद है तो फिर किसी भी तरह के हालात मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकते हैं. हाल ही में जारी हुए री-नीट परीक्षा परिणाम से कई संघर्ष की कहानियां सामने लाई है. ऐसी एक कहानी है जबलपुर के ओम चौकसे की. 12वीं में मध्य प्रदेश के टॉप 10 छात्रों में जगह बनाने के बाद ओम ने पहली बार में नीट परीक्षा पास कर ली है और 720 में से 521 अंक हासिल किए हैं. ओम ने पहले नीट में भी 625 अंक हासिल किए थे लेकिन पेपर लीक की घटना से ओम परेशान नहीं हुआ और तैयारी जारी रखी.

संघर्षों से भरी ओम की जिंदगी

ओम एक बेहद गरीब परिवार से आता हैं. ओम के पिता जबलपुर की मॉडल स्कूल के सामने स्कूल बैग की दुकान लगाते हैं और उसी दुकान से हुई. आमदनी से अपना परिवार का पालन-पोषण करते हैं लेकिन गरीब स्थिति होने के बावजूद भी ओम चौकसे के हौसले बेहद बुलंद थे. उन्होंने अपने पिता के संघर्ष को देखते हुए डॉक्टर बनने का सपना देखा था. दसवीं में भी ओम ने पूरे प्रदेश में सातवां स्थान हासिल किया था और फिर 12वीं में भी उसने मध्य प्रदेश के टॉप 10 छात्रों में अपनी जगह बनाई थी.

ओम बचपन से ही पढ़ाई में बेहद होनहार रहा आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद भी ओम ने कभी हार नहीं मानी. ओम के दिन की शुरुआत अपने पिता के संघर्ष के साथ होती थी. ओम रोजाना घर से निकलकर पहले अपने पिता की दुकान को सड़क पर खुलता था और उसके बाद स्कूल जाता था और शाम को दुकान बंद करके घर लौटता था. ओम का यह संघर्ष उसका परिवार भी देख रहा था ओम कहता है की डॉक्टर बनने का सपना उसने तब देखा जब उसकी दादी की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. तभी उसने तय कर लिया था कि वह एक अच्छा डॉक्टर बनेगा.

ये भी पढ़ें: Jabalpur News: जबलपुर में ‘सुअर मारा बम’ का आतंक, रंगदारी और रंजिश में घर-दुकानों पर हो रही बमबाजी

पिता ने किया प्रेरित

हर पिता का सपना होता है कि वह अपने बच्चों को आगे बढ़ता देखे. ओम के पिता कहते हैं कि उन्होंने अपने बेटे का हर परिस्थितियों में साथ दिया है ओम को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया है. ओम बचपन से ही बेहद होनहार छात्र रहा है और इसलिए उसकी मेहनत रंग लाई है. आज उन्हें बेहद गर्व है कि उनका बेटा अब एक डॉक्टर बनेगा अपने बेटे की सफलता में मां की खुशी का भी कोई ठिकाना नहीं है. ओम की मां भी इस सफलता के लिए उसकी मेहनत को ही श्रेय देती है.

Exit mobile version