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जबलपुर में गोल्ड लोन के नाम पर बैंक से ठगी! नकली सोना गिरवी रखकर 43 लाख का लगाया चूना, 15 के खिलाफ FIR दर्ज

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जबलपुर: नकली सोना पंजाब नेशनल बैंक में गिरवी रखकर धोखाधड़ी

Jabalpur PNB Bank Fake Gold Case: अब तक आपने सुना होगा कि बैंक के नाम पर लोगों से ठगी की जाती है लेकिन जबलपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें बैंक को ही लाखों रुपए का चूना लगा दिया गया. बैंक के कुछ कर्मचारियों ने ग्राहकों के साथ मिलकर नकली सोना गिरवी रख दिया और गोल्ड लोन के नाम पर करीब 43 लाख रुपए बैंक से वसूल लिए. अब बैंक प्रबंधन की शिकायत पर कैंट थाना पुलिस जांच में जुट गई है.

क्या है पूरा मामला?

मामला कैंट थाना क्षेत्र स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा का है. बैंक में गोल्ड वैल्यूअर का काम करने वाले दो ज्वेलर्स शॉप संचालकों ने बैंक में करीब सवा 43 लाख के नकली सोने के जेवर गिरवी रखवाकर धोखाधड़ी की. उनके द्वारा 13 ग्राहकों के नकली जेवर गिरवी रखवाए गये. जेवर गिरवी रखने वाले ग्राहकों ने जब राशि जमा नहीं की तो बैंक द्वारा जेवरों की जांच कराई तो सबके होश उड़ गए. बैंक में रखे जेवर नकली निकले. इसके बाद थाने में वैल्यूअर सहित 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है.

किसने कितना लोन लिया?

पुलिस के अनुसार जेवर गिरवी रखने पर परियट निवासी रजनीश दाहिया को 2 लाख 83 हजार और 1 लाख 300 रुपए, पनागर निवासी नितिन को 2 लाख 25 हजार 800 रुपए, गोहलपुर नई बस्ती निवासी शहनाज बेगम को 3 लाख 18 हजार 900 रुपए, सिहोरा निवासी सोनू साहू को 2 लाख रुपए और 1 लाख 48 हजार, पनागर निवासी राहुल सिंह ठाकुर को 2 लाख, पनागर निवासी देवेन्द्र कुर्मी को 2 लाख और 2 लाख पांच हजार 600 रुपए, पनागर निवासी प्रीति बाई को 3 लाख, सूरतलाई निवासी ने लोन लिया था.

इसके साथ ही गणेश दाहिया को 76 हजार 300 और 3 लाख 57 हजार 300 रुपये, सिहोरा निवासी सुंदरलाल साहू को 2 लाख 46 हजार 700 रुपये, सिहोरा निवासी सोमनाथ कर्ण को 2 लाख रुपए, पनागर तिवारीखेड़ा निवासी सत्यम पटेल को 4 लाख 26 हजार 800 रुपये, सिहोरा निवासी रिजवान मंसूरी को 1 लाख 43 हजार और पूजा सोनी को 2 लाख 31 हजार का लोन दिया गया था.

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जेवरात की जांच में हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा

बैंक में गिरवी रखे जेवरों की जांच वैल्यूअर न्यू राम नगर निवासी अभिनव ज्वेलर्स के संचालक राजीव सोनी ने की थी. वहीं राजीव की पत्नी पूजा ने अपने नकली जेवर गिरवी रखे तो उन जेवरों की जांच कांचघर सिद्धेश्वरी ज्वेलर्स के संचालक आशुतोष सराफ ने की थी. सभी 13 ग्राहकों को 38 लाख 81 हजार 1 सौ रुपये का लोन दिया गया था. यह रकम ब्याज सहित 43 लाख 17 हजार 512 रुपये हो गई थी. ग्राहकों द्वारा किश्तें नहीं जमा करने पर उनके खातों को एनपीए किए जाने के बाद जेवरातों की जांच कराए जाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ.

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