MP News: जबलपुर के युवा गायक तनिष्क शुक्ला ने देश के चर्चित सिंगिंग रियलिटी शो इंडियन आइडल सीजन-16 में फर्स्ट रनर-अप बनकर शहर और प्रदेश का नाम रोशन किया है. उनकी यह उपलब्धि सिर्फ एक रियलिटी शो तक सीमित नहीं है, बल्कि कठिन परिस्थितियों से निकलकर अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणादायक कहानी भी है.
एंजायटी से लड़कर हासिल की सफलता
तनिष्क के पिता प्रभाकांत शुक्ला ने बताया कि एक समय ऐसा भी था, जब उनका बेटा गंभीर एंजायटी से गुजर रहा था. उस मुश्किल दौर में संगीत ने ही उसे संभाला और आगे बढ़ने का हौसला दिया. उन्होंने कहा कि आज तनिष्क की सफलता पूरे परिवार के लिए गर्व और खुशी का विषय है.
शतरंज से संगीत तक का सफर
बचपन में तनिष्क की रुचि शतरंज में थी और वह इस खेल को काफी पसंद करते थे. हालांकि, कुछ कारणों से उन्हें यह शौक छोड़ना पड़ा. इसके बाद वर्ष 2021 में उन्होंने जबलपुर के संगीत गुरु प्रकाश वेरुलकर से गायन का प्रशिक्षण लेना शुरू किया. लगातार रियाज, कड़ी मेहनत और गुरु के मार्गदर्शन ने उन्हें कुछ ही वर्षों में राष्ट्रीय मंच तक पहुंचा दिया.
‘तनिष्क फाइटर’ माइक से किया गया सम्मानित
इंडियन आइडल के मंच पर तनिष्क ने अपनी गायकी और प्रभावशाली प्रस्तुतियों से जजों और दर्शकों का दिल जीत लिया. उनके जज बादशाह भी खासे प्रभावित हुए और उन्होंने ‘तनिष्क फाइटर’ लिखे विशेष माइक से उन्हें सम्मानित किया. शो के दौरान भी तनिष्क को कई अन्य सम्मान और सराहना मिली.
परिवार ने हर कदम पर दिया साथ
तनिष्क की मां उषा शुक्ला ने कहा कि बेटे की इस सफलता के पीछे पूरे परिवार का साथ और वर्षों की मेहनत है. उन्होंने बताया कि बड़े भाई तन्मय और बहन तानिया ने हर मुश्किल समय में तनिष्क का मनोबल बढ़ाया और हमेशा उनका साथ निभाया.
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