MP News: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 में 5% बोनस अंक के विवाद पर अभ्यर्थियों की सभी रिट अपीलें खारिज कर दी हैं. न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की खंडपीठ ने एकलपीठ के 6 मई 2026 के आदेश को सही ठहराया. फैसले के बाद भर्ती की मेरिट सूची दोबारा तैयार की जाएगी.
RCI योग्यता के नाम पर लिए बोनस अंक
प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 में 13,089 पदों पर भर्ती हुई थी. नियम के तहत RCI से मान्यता प्राप्त विशेष शिक्षा डिप्लोमा वाले अभ्यर्थियों को 5% बोनस अंक मिलना था. करीब 14,964 अभ्यर्थियों ने RCI योग्यता बताकर बोनस अंक लिए, जबकि RCI रिकॉर्ड में करीब 5,271 अभ्यर्थी ही योग्य पाए गए.
आवेदन में ‘हां’ चुनने पर मिले अंक
मामले में सामने आया कि ऑनलाइन फॉर्म में RCI योग्यता के सामने ‘हां’ विकल्प चुनने पर बोनस अंक दे दिए गए थे. दस्तावेजों का सत्यापन बाद में होना था. कोर्ट ने कहा कि अभ्यर्थियों को आवेदन में जानकारी सुधारने के तीन अवसर मिले थे. इसके बावजूद सुधार नहीं करने के बाद परिणाम आने पर गलती का हवाला नहीं दिया जा सकता.
अभ्यर्थियों की दलील नहीं मानी
प्रभावित अभ्यर्थियों ने कहा कि फॉर्म में RCI योग्यता का विकल्प गलती से चुना गया था. उनका तर्क था कि बोनस अंक हटाकर वास्तविक अंकों के आधार पर उन्हें चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाए. कुछ अभ्यर्थियों ने दिव्यांग श्रेणी के आधार पर भी राहत मांगी.
गलत जानकारी से मिला लाभ मान्य नहीं
हाई कोर्ट ने कहा कि गलत जानकारी के आधार पर बोनस अंक हासिल करना अनुचित लाभ लेना है. ऐसे लाभ को बाद में अधिकार के रूप में बरकरार नहीं रखा जा सकता. कोर्ट ने यह भी माना कि गलत बोनस अंक बनाए रखने से उन अभ्यर्थियों की मेरिट प्रभावित होगी, जिन्होंने आवेदन में सही जानकारी दी थी.
अब RCI प्रमाण-पत्रों की होगी जांच
एकलपीठ ने 6 मई को चयन सूची कर्मचारी चयन मंडल को वापस भेजकर RCI योग्यता का दावा करने वालों को प्रमाण-पत्र जमा करने के लिए 15 दिन का समय देने का निर्देश दिया था. अब प्रमाण-पत्रों का सत्यापन किया जाएगा. अपात्र अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त होंगे और 5% बोनस अंक हटाकर संशोधित मेरिट सूची तैयार की जाएगी. इसके आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
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