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MP News: नए सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, हाई कोर्ट ने रद्द किया वेतन कटौती का नियम

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एमपी न्यूज

MP News: जबलपुर: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के नए कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है. दरअसल, हाईकोर्ट ने प्रोबेशन पीरियड में वेतन कटौती को अवैध ठहराते हुए 70-80-90 प्रतिशत वेतन फार्मूला रद्द कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि जब कर्मचारी से पद के अनुरूप पूरा काम लिया जा रहा है, तो केवल प्रोबेशन पर होने के आधार पर उसे कम वेतन नहीं दिया जा सकता. इस फैसले से मध्य प्रदेश के हजारों सरकारी कर्मचारियों को फायदा मिलेगा.

वेतन कटौती HC ने ठहराई अवैध

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने यह फैसला सुनाया. अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि जब कर्मचारी से पद के अनुरूप पूरा काम लिया जा रहा है, तो केवल प्रोबेशन पर होने के आधार पर उसे कम वेतन नहीं दिया जा सकता. कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि 25 नवंबर 2019 के बाद नियुक्त संबंधित शासकीय कर्मचारियों को प्रोबेशन अवधि में किए गए कार्य का पूरा वेतन दिया जाए.

क्या है 70-80-90 प्रतिशत वेतन फार्मूला

दरअसल, राज्य सरकार के सिसिटम के तहत प्रोबेशन के पहले साल में न्यूनतम वेतनमान का 70%, दूसरे साल में 80% और तीसरे साल में 90% भुगतान किया जाता था. जिसे अब हाईकोर्ट ने अवैध ठहरा दिया है. फैसले के मुताबिक, भर्ती नियमों में जिस पे-स्केल का प्रावधान है, कर्मचारी उसी के आधार पर वेतन पाने का हकदार है.

हाईकोर्ट ने फैसले के दौरान बताया कर्मचारी जिस पद पर नियुक्त हुआ है, उसके अनुरूप उससे काम लिया जा रहा है. इसलिए उसे निर्धारित वेतनमान से कम भुगतान करने का कोई उचित आधार नहीं है. ने इस व्यवस्था को कक्षा-III और कक्षा-IV कर्मचारियों के प्रति भेदभावपूर्ण भी माना.

यह है पूरा मामला

बता दें प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ 21 कर्मचारियों ने राज्य सरकार की इस व्यवस्था को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. पूरा मामला हेमंत हेलोंडे अन्य बनाम मध्य प्रदेश शासन से संबंधित है. याचिकाकर्ताओं की ओर से बताया गया कि सरकार की ऐसी कोई नीति नहीं है, जिसके तहत प्रोबेशन पूरा होने के बाद पहले तीन वर्षों में रोकी गई 30%, 20% और 10% राशि का एरियर दिया जाता हो.

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