Sagar News: मध्य प्रदेश की भूमि बहुत ही कीमती और मूल्यवान मानी जाती है.एक तरफ जहां पन्ना की जमीनें हीरे उगल रही हैं,वहीं दूसरी तरफ एमपी के सागर जिले के जैतपुर डोमा गांव की बंजर जमीनों से मोती जैसे ‘कीमती दाने’ निकल रहे हैं. इन बंजर जमीनों से निकल रहे छोटे-छोटे पत्थर के दाने बहुत ही कीमती बताए जा रहे हैं. ग्रामीणों के अनुसार, इन कणों को मनके कहा जा रहा है.
ग्रामीण आजमा रहे अपनी-अपनी किस्मत
लोगों का मानना है कि ये छोटे-छोटे पत्थर के कण बहुत ही मूल्यवान हैं, जिस वजह से ग्रामीण अपनी-अपनी किस्मत आजमाने में लगे हुए है. जानकारी के अनुसार, अब तक करीब 10 लोगों को ये बेशकीमती रत्न मिल चुके हैं. वहीं सागर पुरातत्व विभाग द्वारा इस मामले को गंभीरता से लिया गया है. पुरातत्व विभाग के अधिकारी प्रो. नागेश दुबे का कहना है कि शायद 500 साल पहले इस गांव में कोई पुरानी बस्ती रही होगी.
एक मनके की कीमत २5 हजार रुपये
एक तरफ जहां ग्रामीण मनकों के लालच में बंजर जमीन की खुदाई कर उसमें से कीमती रत्न निकालने में लगे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ इन्हें खरीदने और इन पर बोली लगाने के लिए खरीददार भी तैयार हैं. ग्रामीणों के अनुसार, जैसे ही किसी व्यक्ति को कोई मनका मिलता है, वैसे ही खरीददार उसके रंग, रूप,साइज़ और क्वालिटी को देखकर तुरंत खरीद लेते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि कई लोग इन मनकों को बेच चुके हैं। अब तक एक मनका 25 हजार रुपये तक में बिक चुका है.
इस इलाके में 500 साल पहले कोई पुरानी बस्ती थी
जैसे ही चारों ओर यह खबर फैली कि सागर जिले के जैतपुर डोमा गांव की बंजर भूमि में मनके मिल रहे हैं, वैसे ही सागर के पुरातत्त्व विभाग ने इस पूरे मामले का संज्ञान लिया. इसे लेकर पुरातत्त्व विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. नागेश दुबे ने मीडिया से बातचीत की. उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है. शुरुआती जांच में पता चला है कि इस इलाके में लगभग 500 साल पहले कोई प्राचीन बस्ती रही होगी. प्रो. दुबे ने कहा कि संभव है उस समय के लोग मनकों से बने आभूषण धारण करते रहे हों. यही कारण हो सकता है कि उस दौर के ये मनके अब जमीन की सतह पर दिखाई दे रहे हैं.
मनके को लेकर ग्रामीणों का क्या कहना है?
इन मनकों को लेकर ग्रामीणों ने भी अपनी राय दी है. उनका कहना है कि ये मनके मुगलकाल में इस्तेमाल किए जाते थे. इन्हें आभूषण के रूप में पहना जाता था. ग्रामीणों के अनुसार, ये मोती या कोई दूसरी कीमती पत्थर हो सकते हैं. उनका यह भी कहना है कि इससे पहले देवरी क्षेत्र में भी ऐसे मनके मिल चुके हैं.
