Sagar Liquor Case: सागर जहरीली शराब कांड मामले में बड़ा एक्शन लिया गया है. 20 लोगों के खिलाफ बंडा पुलिस थाने में FIR दर्ज की गई है. भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 3(5), 123 और मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 के 49(A) तहत मामला दर्ज किया गया है. अवैध शराब बेचने के मामले में ये कार्रवाई की गई है.
किन लोगों के खिलाफ FIR हुई?
जिन आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज किया गया है, उनमें जुझार लोधी, दिनेश सिंह, सौरभ लोधी, गोविंद, यशवंत ठाकुर, संतोष लोधी, आकाश, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रविंद्र सिंह, रोहित लोधी, माखन, आशीष साहू, अनिकेत गंधर्व, विशाल लोधी, मंगल रजक और राजा सिंह का नाम शामिल है. आरोपी आकाश उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के मडरावरा और रविंद्र टीकमगढ़ जिले के बसगोई के रहने वाले हैं. बाकी सभी आरोपी सागर जिले के ही रहने वाले हैं.
उमंग सिंघार ने साधा निशाना
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बमूरा गांव का दौरा किया. मीडिया से बात करते हुए कहा कि सागर की जहरीली शराब त्रासदी साबित करती है कि मध्य प्रदेश में अवैध शराब का कारोबार खुलेआम चल रहा है. गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास है, फिर भी प्रशासन की नाक के नीचे यह कारोबार कैसे चल रहा है?
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराए, दोषियों और संरक्षण देने वालों पर सख्त कार्रवाई करें. प्रत्येक मृतक परिवार को ₹25 लाख मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए. नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार आंकड़ें छिपा रही है. कांग्रेस ने सभी मृतकों के परिजनों को 50 हजार रुपये की मदद देने की घोषणा की है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आर्थिक मदद की बात कही. वहीं राज्य सरकार से 1 करोड़ रुपये की मांग की है.
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गोविंद सिंह राजपूत ने जताया दुख
कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने इस त्रासदी पर दुख जताया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस हृदयविदारक घटना पर गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं. उन्होंने स्पष्ट किया है कि हमारी सरकार इस विषय पर पूरी तरह संवेदनशील है और इस जघन्य अपराध में लिप्त किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. प्रशासन द्वारा दोषियों के विरुद्ध कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है.
