MP News: टीकमगढ़ जिले के नन्ही टेहरी गांव की शासकीय उचित मूल्य दुकान पर राशन वितरण के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गेहूं की एक बोरी खोलने पर उसमें कथित तौर पर किसी जानवर के सिर और पैरों की हड्डियां मिलीं. घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई और हितग्राहियों ने राशन लेने से साफ इनकार कर दिया. मामले की सूचना मिलते ही खाद्य विभाग हरकत में आया और तत्काल दुकान को सील कर गेहूं का वितरण रोक दिया गया.
पहली ही बोरी में मिली हड्डियां
बताया जा रहा है कि सोमवार को पीडीएस के तहत राशन वितरण शुरू हुआ था. पहली ही बोरी से हड्डियां निकलने पर लोगों ने विरोध जताया और अधिकारियों को इसकी जानकारी दी. सूचना मिलने पर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सार्थक तिवारी मौके पर पहुंचे और अन्य बोरियों की भी जांच कराई. हालांकि बाकी बोरियों में ऐसी कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली, लेकिन एहतियात के तौर पर पूरे स्टॉक का वितरण रोक दिया गया.
मध्य प्रदेश | टीकमगढ़ जिले के नन्ही टेहरी गांव में सरकारी दुकान से वितरित किए जा रहे गेहूं की एक बोरी में कथित तौर पर जानवर के सिर और पैरों की हड्डियां मिलने का मामला सामने आया है. घटना के बाद हितग्राहियों में नाराजगी फैल गई और कई लोगों ने राशन लेने से इंकार कर दिया है. मामले की… pic.twitter.com/36ra2kUbu2
— Vistaar News (@VistaarNews) July 14, 2026
जांच में जुटा विभाग
विभागीय जानकारी के मुताबिक दुकान पर करीब 163 क्विंटल गेहूं वितरण के लिए पहुंचा था. प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह खेप विदिशा जिले के संकल्प वेयरहाउस से भेजी गई थी और बोरी पर खरीदी केंद्र के रूप में सेवा सहकारी समिति पठानी का नाम दर्ज है. अधिकारियों ने पूरी खेप वापस भेजने का निर्णय लिया है और उसके स्थान पर नया गेहूं उपलब्ध कराया जाएगा. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बोरी में हड्डियां आखिर पहुंचीं कैसे.
पहले भी खराब गेहूं को लेकर सामने आ चुका है मामला
गौरतलब है कि टीकमगढ़ में खराब गुणवत्ता वाले गेहूं का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले दमोह से आई 6,265 बोरियों में कीड़े, घुन, मिट्टी, नमी, बदबू और क्षतिग्रस्त दाने मिलने के कारण करीब 3,132 क्विंटल गेहूं वापस लौटा दिया गया था. उस मामले ने भी सरकारी खरीद और भंडारण व्यवस्था की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए थे.
