Tikamgarh News: टीकमगढ़ के चंद्रपुरा गांव से शुरू हुई भूमिगत जल निकासी व्यवस्था को जिला प्रशासन ने मॉडल के तौर पर दूसरे गांवों में भी लागू किया. इस व्यवस्था में घरों से निकलने वाले स्नान, कपड़े धोने और रसोई के पानी को खुले में बहने से रोकने के लिए घरों के बाहर सिल्ट चैम्बर बनाए जाते हैं
CM Mohan Yadav Action: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं. अब उन्होंने टीकमगढ़ में कार्रवाई की है. जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नवीत कुमार धुर्वे को हटा दिया गया है.
MP News: कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के जांच प्रतिवेदन के आधार पर महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त निधि निवेदिता ने रियोजना अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
Tikamgarh News: टीकमगढ़: मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ से इस वक्त की बड़ी खबर आई है. खबर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा है. दरअसल प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर के दौरे के दौरान पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया. प्रभारी मंत्री के काफिले की पायलट गाड़ी बीच रास्ते में खराब हो गई. हालात ऐसे बने कि पुलिसकर्मियों को वाहन को धक्का लगाना पड़ा. इसके बाद प्रभारी मंत्री का काफिला बिना पायलट वाहन के ही आगे बढ़ गया.
एक तरफ प्रदेश सरकार मातृ एवं शिशु मृत्युदर कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है वहीं दूसरी तरफ टीकमगढ़ जिले से स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही की खबर सामने आई है.
Tikamgarh News: सरकार एक ओर बेटियों को बचाने और आगे बढ़ाने के लिए लाड़ली लक्ष्मी और लाड़ली बहना जैसी योजनाएं चला रही है, वहीं दूसरी ओर बुंदेलखंड के ग्रामीण इलाकों में बेटियों को लेकर पुरानी मानसिकता अब भी देखने को मिल रही है.
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, 'वसीयत का भी एक अधिकार, विवाह के लिए भी एक कानून. गैर कानूनी बातों के लिए मध्य प्रदेश की धरती पर जगह नहीं रहने वाली है. दुश्मनों के लिए हमारी विकास की योजनाएं सभी डराने वाली होती हैं.'
MP News: गांव की शासकीय उचित मूल्य दुकान पर राशन वितरण के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गेहूं की एक बोरी खोलने पर उसमें कथित तौर पर किसी जानवर के सिर और पैरों की हड्डियां मिलीं.
रविवार को इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया, जिसमें आरक्षक को युवक के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट करते हुए देखा जा सकता है. वीडियो में आरक्षक युवक को पकड़कर ले जाता हुआ भी दिखाई दे रहा है.
कई दिनों के ट्रीटमेंट के बाद मरीज को फायदा नहीं हुआ और उसकी हालत बिगड़ी तो पूरे मामले का पता चला. मरीज का कहनाहै कि आरोपी ने कई दिनों तक इलाज के नाम पर हजारों की दवाइयां दिलवा दीं, लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ.