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MP News: जबलपुर मेडिकल कॉलेज में कमर से जुड़े जुड़वा नवजातों की सर्जरी, 3 घंटे ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों को मिली सफलता

Post-operation photograph

ऑपरेशन के बाद की तस्‍वीर

MP News: जन्म से आपस में जुड़े दो नवजात बच्चों की जटिल सर्जरी जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में सफलतापूर्वक की गई है. इसे अत्यंत दुर्लभ मामला बताया जा रहा है. पहले चरण की सर्जरी सफल रही है और इसे अंजाम देने के लिए मेडिकल कॉलेज के कुशल डॉक्टरों की दो टीमें बनाई गई थीं. सर्जरी के बाद दोनों नवजात बच्चों को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है.

नरसिंहपुर से रेफर होकर पहुंचे दोनों नवजात

दोनों जुड़वा बच्चे नरसिंहपुर जिले से रेफर होकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे हैं. इस तरह के मामले लाखों में एक देखने को मिलते हैं. जानकारी के मुताबिक, एक-दूसरे से जुड़े जीवान और युवान को अलग करना बेहद जरूरी था, ताकि दोनों अपनी-अपनी जिंदगी सामान्य रूप से जी सकें. दोनों बच्चे कमर से जुड़े हुए हैं. नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के 14 डॉक्टरों की टीम ने पहले चरण की अत्यंत जटिल सर्जरी की है.

करीब 3 घंटे तक चले ऑपरेशन में दोनों को अभी पूरी तरह से अलग नहीं किया गया है, बल्कि मल त्याग की नली यानी रेक्टम और एनस को अलग किया गया है. दोनों बच्चों को पूरी तरह अलग करने के लिए ऐसे कई चरणों में ऑपरेशन करने होंगे.

संक्रमण और हृदय संबंधी जांच पर डॉक्टरों की नजर

डॉक्टरों का कहना है कि जीवान को संक्रमण अधिक है. ऐसे में किसी भी गंभीर स्थिति को अनदेखा नहीं किया जा सकता. हृदय संबंधी विकार की आशंका को देखते हुए सभी जरूरी जांच की जा रही हैं. डॉक्टरों का मानना है कि जुड़े हुए बच्चों को पूरी तरह से अलग करना और उनके अंगों का पुनर्निर्माण करना बेहद लंबी और कई चरणों की प्रक्रिया होती है. एक बच्चे की सेहत बिगड़ने का असर दूसरे पर भी पड़ सकता है. दोनों नवजात शिशुओं को 24 घंटे की निगरानी में एनआईसीयू में रखा गया है.

ऑपरेशन थिएटर में किए गए विशेष इंतजाम

जानकारी के मुताबिक, सर्जरी के दौरान सभी महत्वपूर्ण उपकरण ऑपरेशन थिएटर में पहले से ही उपलब्ध रखे गए थे. चूंकि दोनों बच्चों के शरीर आपस में जुड़े हैं और उनके अधिकांश अंग अलग-अलग कार्य कर रहे हैं, इसलिए ऑपरेशन थिएटर में जीवन रक्षक प्रणाली का दोहरा सेटअप तैयार किया गया. इसके लिए दो अलग-अलग सर्जिकल टीमें तैनात की गईं. साथ ही दो एनेस्थीसिया टीमें, दो सेट एनेस्थीसिया मशीनें, दो वेंटिलेटर, दो मॉनिटर सिस्टम और अन्य सभी जरूरी उपकरणों के भी दो-दो सेट तैयार रखे गए थे.

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