MLA Sanjay Pathak High Court Apology: बीजेपी विधायक संजय पाठक बुधवार (15 जुलाई) को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की मुख्यपीठ में पेश हुए. उन्होंने जज को मिस्ड कॉल करने के मामले में बिना शर्त माफी मांग ली है. पाठक की ओर से अदालत में पेश वकील मुकुल रोहतगी ने दलील रखी कि संजय पाठक ने गलती से जज को कॉल किया था. उन्होंने बिना शर्त माफी मांग ली है.
मुकुल रोहतगी ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में हुई बदसलूकी का हवाला दिया. एक वकील द्वारा SC जजों को ज्यूडिशियल सर्वेंट कहकर हंगामे का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय में हंगामे पर भी क्रिमिनल कंटेम्प्ट की कार्रवाई नहीं हुई. हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है.
संजय पाठक ने क्या कहा?
मीडिया से बात करते हुए विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक ने कहा कि गलती से कॉल हुआ था. इसके बाद मैंने इंट्रोडक्शन दिया था कि मैं संजय पाठक हूं. ये जरूरी भी था. सिंगल रिंग का कॉल था. बिना शर्त माफी मांग ली है. जब उनसे पूछा गया कि आपके पास नंबर कैसे आया तो उन्होंने कहा कि जब तक इस बारे में निर्णय नहीं आ जाता तो इस बारे में कुछ कहना माननीय न्यायालय के कार्यों में हस्तक्षेप होगा.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, ये पूरा मामला 1 सितंबर 2025 को शुरू हुआ था. जब जस्टिस विशाल मिश्रा ने ओपन कोर्ट में बताया था कि एक विधायक ने उनसे संपर्क करने का प्रयास किया था. उस समय उनके समक्ष विधायक परिवार से जुड़े अवैध खनन मामले की सुनवाई चल रही थी. न्यायिक निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जस्टिस मिश्रा ने स्वयं को उस मामले की सुनवाई से अलग कर लिया था.
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हाई कोर्ट ने इसे गंभीर माना था
इस मामले के सामने आने के बाद कटनी निवासी आशुतोष मनु दीक्षित ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी कि यह न्यायपालिका की गरिमा और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर विषय है. प्रथम दृष्टया यह आपराधिक अवमानना का मामला बनता है. इसी आधार पर संजय पाठक को नोटिस जारी किया गया था.
