MP News: बड़वानी कृषि उपज मंडी में भीषण आग, 15-20 लाख का नुकसान, घटना के बाद व्यापारियों में भारी गुस्सा

आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है. हालांकि, प्राथमिक आशंका जताई जा रही है कि यह हादसा किसी की लापरवाही से सिगरेट पीने के कारण हुआ है.
Due to fire in Barwani Agricultural Produce Market, goods worth lakhs of rupees of traders were burnt to ashes.

बड़वानी कृषि उपज मंडी में आग लगने से व्यापारियों का लाखों का माल जलकर राख हो गया.

Input- सचिन राठौर

MP News: बड़वानी स्थित कृषि उपज मंडी में शनिवार रात भीषण आग लग गई. इस घटना में चार से पांच व्यापारियों की दुकानों में रखा लाखों रुपये का माल जलकर खाक हो गया. आग से अनुमानित 15 से 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है.

आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है. हालांकि, प्राथमिक आशंका जताई जा रही है कि यह हादसा किसी की लापरवाही से सिगरेट पीने के कारण हुआ है. घटना के बाद मंडी परिसर में मौजूद व्यापारियों में भारी आक्रोश देखा गया.

व्यापारियों को अंधेर में करना पड़ता है काम

व्यापारी अशरफ अली ने मंडी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि मंडी में मूलभूत सुविधाओं का पूरी तरह अभाव है, न तो पर्याप्त बिजली व्यवस्था है और न ही स्ट्रीट लाइट चालू रहती है. व्यापारियों को अंधेरे में काम करना पड़ता है.

अशरफ अली ने बताया कि मंडी में 30 से 40 लाख रुपये तक का माल रखा रहता है, लेकिन उसकी सुरक्षा के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंडी में लगे सीसीटीवी कैमरे भी काम नहीं कर रहे हैं, जिससे चोरी या आगजनी जैसी घटनाओं का खतरा बना रहता है. उन्होंने कहा कि मंडी प्रशासन केवल टैक्स वसूलने में सक्रिय रहता है, लेकिन सुविधाएं देने में नाकाम है.

’15-20 लाख रुपये का वास्तविक नुकसान’

एक अन्य व्यापारी नवेद मंसूरी ने बताया कि आगजनी की इस घटना में कुल मिलाकर लगभग 15 से 20 लाख रुपये का वास्तविक नुकसान हुआ है. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची थी, लेकिन माल खराब होने की आशंका के चलते उसका सीमित उपयोग किया गया.

नवेद मंसूरी ने मंडी की अव्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कृषि उपज मंडी होने के बावजूद यहां अवैध रूप से सब्जी मंडी संचालित की जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सब्जी व्यापारियों को मंडी प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है, जबकि टैक्स देने वाले व्यापारियों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जाता है. उन्होंने कहा कि सब्जी व्यापारियों के लिए अलग स्थान निर्धारित होने के बावजूद उन्हें यहां बैठाया जा रहा है, जिससे अव्यवस्था और विवाद की स्थिति बन रही है.

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