कूनो से निकलकर राजगढ़ पहुंचा चीता, बस्ती से 300 मीटर की दूरी पर पेड़ के नीचे आराम फरमाता दिखा, ग्रामीणों में दहशत

चीते की तलाश में कूनो नेशनल पार्क की टीम भी राजगढ़ पहुंच गई है. कूनो और राजगढ़ वन विभाग की टीम दोनों को चीते की तलाश में जुटी हुई हैं.
Cheetah leaves Kuno National Park and reaches Rajgarh.

कूनो नेशनल पार्क से निकलकर राजगढ़ पहुंचा चीता.

MP News: कूनो नेशनल पार्क से निकला चीता राजगढ़ पहुंच गया है. यहां वह एक बस्ती से महज 300 मीटर की दूरी पर नीम के पेड़ के नीचे आराम फरमाता दिखाई दिया. चीते को देखकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. वहीं ग्रामीणों की शिकायत पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई है. टीम चीते को ट्रेस करने में जुटी है.

राजस्थान होते हुए 237 किमी का सफर तय किया

चीते ने रातभर में करीब 237 किलोमीटर का सफर तय किया. इस दौरान वह राजस्थान की बारां और झालावाड़ होता हुआ गुजरा. आखिरी बार जहां चीता देखा गया उसकी लोकेशन राजगढ़ जिले के वार्ड नंबर एक के बाड़िया क्षेत्र स्थिति महादेव मंदिर के पास की थी. यहां चीता एक पेड़ के नीचे इत्मीनान से लेटा था. लेकिन चीते को देखकर ग्रामीणों की नींद हराम हो गई है. वन विभाग के मुताबिक शुक्रवार को चीता

वन विभाग की ग्रामीणों से बाहर ना निकलने की अपील

चीते की तलाश में कूनो नेशनल पार्क की टीम भी राजगढ़ पहुंच गई है. कूनो और राजगढ़ वन विभाग की टीम दोनों को चीते की तलाश में जुटी हुई हैं. दोनों टीमें जीपीएस कॉलर के जरिए उसकी लोकेशन ट्रैक कर रही हैं. इस दौरान वन विभाग की टीम ने लोगों से शाम करीब साढ़े 7 बजे राजगढ़ जिले के कालीपीठ क्षेत्र से निकला था. चीते ने रातभर करीब 15 किलोमीटर का सफर तय किया और खोयरी के बाड़िया क्षेत्र पहुंच गया. वन विभाग की टीम ने लोगों से बाहर ना निकलने की अपील की है. इसको लेकर वन विभाग ने अलर्ट भी जारी किया है.

बता दें कि कूनो नेशनल पार्क से राजगढ़ पहुंचने वाले चीते का नाम KP3 है. KP3 की मां आशा को नामीबिया से कूनो नेशनल पार्क लाया गया था. साल 2024 में आशा ने 3 शावकों को जन्म दिया था. इनमें से एक KP3

ये भी पढ़ें: उज्जैन की ‘काशी’ के लिए सोनू सूद ने बढ़ाया मदद का हाथ, 15 करोड़ के इंजेक्शन के लिए की फंड रेज करने की अपील

ज़रूर पढ़ें