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बयानों से बार-बार घिर रही एमपी कांग्रेस! अब विवादित नेताओं की बनेगी लिस्ट, हाईकमान लेगा बड़ा एक्‍शन

PCC Chief Jitu Patwari (File Photo)

PCC चीफ जीतू पटवारी(File Photo)

MP Congress: मध्य प्रदेश कांग्रेस में नेताओं के विवादित बयानों पर अब सख्ती की तैयारी शुरू हो गई है. लगातार ऐसे बयान सामने आने के बाद, जिनसे पार्टी को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा और विपक्ष को हमला बोलने का मौका मिला, प्रदेश कांग्रेस संगठन अब ऐसे नेताओं की सूची तैयार कर रहा है. इस सूची को जल्द ही कांग्रेस हाईकमान के पास भेजा जाएगा, ताकि अनुशासनहीनता पर कार्रवाई की जा सके.

सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश नेतृत्व का मानना है कि सार्वजनिक मंचों पर नेताओं की व्यक्तिगत टिप्पणियां और आपसी आरोप-प्रत्यारोप पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं. इसलिए अब उन नेताओं की पहचान की जा रही है, जो बार-बार विवादित बयान देकर संगठन के लिए मुश्किलें खड़ी करते रहे हैं. माना जा रहा है कि भविष्य में ऐसे मामलों में चेतावनी से लेकर अनुशासनात्मक कार्रवाई तक की जा सकती है.

एमपी कांग्रेस में सब कुछ ठीक

हाल के दिनों में मध्य प्रदेश कांग्रेस के कई नेताओं के बयान चर्चा का विषय बने हैं. वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास 12 विभाग होने को बड़ी गलती बताते हुए कहा था कि इससे किसी भी गड़बड़ी की जवाबदेही सीधे मुख्यमंत्री पर आएगी. यह बयान भी राजनीतिक बहस का कारण बना.

नेताओं के बीच मनमुटाव

इसी बीच कांग्रेस के भीतर भी बयानबाजी को लेकर असहज स्थिति देखने को मिली. दिग्विजय सिंह की कुछ टिप्पणियों को लेकर पार्टी के अंदर ही विरोध के स्वर उठे और कई नेताओं ने इसे संगठन के लिए नुकसानदायक बताया है.  मामला इतना बढ़ा कि केंद्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप की मांग तक होने लगी.

इससे पहले भी प्रदेश कांग्रेस के कई नेता अपने बयानों के कारण विवादों में रहे हैं. ऐसे मामलों में पार्टी को बार-बार सफाई देनी पड़ी और राजनीतिक नुकसान झेलना पड़ा. यही वजह है कि अब संगठन यह संदेश देना चाहता है कि अनुशासनहीन बयानबाजी किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी.

क्‍या है कांग्रेस के इस फैसले के पीछे की रणनीति

कांग्रेस का मानना है कि भाजपा के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई मजबूत संगठन और एकजुट संदेश के साथ ही लड़ी जा सकती है. ऐसे में आने वाले समय में नेताओं के सार्वजनिक बयानों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर सख्त कदम भी उठाए जा सकते हैं.

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