MP News: खजुराहो में 20 से 26 फरवरी तक चलेगा भव्य नृत्य महोत्सव, 1600 कलाकार देंगे प्रस्तुति, बनेगा नया वर्ल्ड रिकॉर्ड

नृत्य कला कुंभ के इस महोत्सव में 25 देशों के एंबेसडर भी शामिल होंगे. इस महोत्सव में ना केवल नृत्य कला का ही प्रदर्शन होगा, बल्कि रोमांच प्रेमियों के लिए भी स्काई डाइविंग का विकल्प है.

खजुराहो महोत्सव ( प्रतीकात्मक तस्वीर)

खजुराहो महोत्सव (प्रतीकात्मक तस्वीर)

MP News: मध्य प्रदेश के खजुराहो में 20 फरवरी से 50वां खजुराहो नृत्य महोत्सव शुरू होने वाला है. यह महोत्सव 20 से 26 फरवरी तक चलेगा. इस नृत्य महोत्सव में कत्थक कुंभ में एक साथ 1600 कलाकार प्रस्तुति देंगे. इसके साथ ही ये  1600 कलाकार एक नया विश्व रिकॉर्ड भी बनाएंगे. 

महोत्सव में क्या है खास?

नृत्य कला कुंभ के इस महोत्सव में 25 देशों के एंबेसडर भी शामिल होंगे. इस महोत्सव में ना केवल नृत्य कला का ही प्रदर्शन होगा, बल्कि रोमांच प्रेमियों के लिए भी स्काई डाइविंग का विकल्प है. जिसका आनंद रोमांच प्रेमी 20 से 25 फरवरी तक उठा सकते हैं. स्काई डाइविंग के साथ ही कैंपिंग, ट्रेल जॉय राइड, वाटर एडवेंचर, स्पीड बोट, बनाना राइड, शिकार राइड, राफ्टिंग, विलेज टूर, ई बाइक टूर, रानेह फॉल टूर, खजुराहो नाइट टूर जैसे तमाम एक्टिविटी का मजा टूरिस्ट उठा सकेंगे.

नृत्य महोत्सव को लेकर संस्कृति, पर्यटक और धार्मिक न्यास और धर्मस्व राजमंत्री धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि देश की समृद्ध संस्कृति और विरासत के उत्सव का उजास 20 फरवरी से खजुराहो नृत्य महोत्सव के रूप में होने जा रहा है. देशभर से इस महोत्सव में शामिल होने वाले नृत्य कलाकार बुंदेलों की धरती पर अपने घुंघरुओं की झंकार और खड़मताल से महोत्सव का आकर्षण बनेंगे. हर साल मध्य प्रदेश का यह खजुराहो कला महोत्सव सांस्कृतिक विभाग द्वारा उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी द्वारा खजुराहो में किया जाता है.

यह भी पढ़ें: किंग ऑफ जाट, किसानों के मसीहा और अब भारत रत्न…जानें कौन थे चौधरी चरण सिंह

कब हुई थी महोत्सव की शुरुआत ?

बता दें की खजुराहो नृत्य महोत्सव की शुरुआत साल 1975 में हुई थी. यह साल इस महोत्सव के लिए इस लिए खास है क्योंकि यह वर्ष महोत्सव का स्वर्ण जयंती वर्ष है. जिसमें  कत्थक कुंभ में प्रस्तुति देने वाले नृत्य कलाकारों की संख्या 1600 होगी जो एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड होगा. इसे पहले 1205 कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की गई नृत्य का रिकॉर्ड था.

ज़रूर पढ़ें