MP News: पुलिस ने गरीब बुजुर्ग को दिया होली गिफ्ट, रंग गुलाल के पैसे से बना दिया आशियाना, बुजुर्ग की आंखो में आए आंसू

Gwalior Police: शांति समिति की बैठक में पुलिस को इस बात की जानकारी दी गई थी. कि विधवा आदिवासी महिला कोमल बाई पत्नी देवी सिंह के रहने के लिए घर नही है. जिसके बाद हस्तिनापुर की पुलिस ने अपने हाथों से टीन शेड लगाया व अग़ल बग़ल लकड़ी की टटिया बनाकर ग्रीन नेट से सजाया साथ ही लीप पोतकर नया आशियाना बनाकर दिया.

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बुजुर्ग के लिए झोपड़ी बनाने के दौरान पुलिस ने अपने हाथों से टीन शेड लगाया.

ग्वालियर: होली के त्योहार के मौके पर ग्वालियर जिले की पुलिस ने एक अनोखी पहल की. होली के इस मौके पर, थाने के लोगों ने रंग और गुलाल पर खर्च होने वाले पैसों से एक बुजुर्ग महिला के लिए एक मजबूत घर बनाया. इस महिला के लिए नए आशियाने की घटना ग्वालियर से भोपाल तक चर्चा में है.

शांति बैठक में पुलिस को मिली थी आदिवासी महिला की जानकारी

होली का त्योहार आपसी भाई चारा और शांति से सम्पन्न हो इसलिये ग्वालियर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने निर्देश दिये थे कि होली से पहले सभी थानों में शांति समिति की बैठक की जाये जिसके बाद हस्तिनापुर थाने में यह बैठक आयोजित की गई. बैठक में थाना प्रभारी द्वारा यह बात रखी गई कि थाने पर हर वर्ष होने वाली होली में पुलिस जितने रुपयों के रंग ख़रीदती है होली में खर्च करती है उतने रुपये किसी के बेसहारा के कल्याण में खर्च करेगी. बैठक में उपस्थित हस्तिनापुर के प्रमुख ग्रामीणों द्वारा हस्तिनापुर के आदिवासी बस्ती में एक बुजुर्ग विधवा आदिवासी महिला कोमल बाई पत्नी देवी सिंह आदिवासी उम्र 80 वर्ष निवासी हस्तिनापुर के होने की बात बताई. उन्होंने बताया कि बुजुर्ग महिला का पति बीमारी के कारण इस दुनिया में नहीं रहा और फिर दोनों बेटे गुजर गये. उसके बाद नाती पोतों के सहारे एक झोपड़ी में रहकर जीवन यापन कर रही है. गृह प्रवेश पर थाना प्रभारी ने कन्या भोज भी कराया.

पुलिसवालों मे खुद ही बनाई झोपड़ी

बैठक के बाद पुलिस अधिकारी सीधे मौक़े पर पहुँचे झोपड़ी स्थिति की बहुत ही दयनीय थी. वो जिस झोपड़ी में रह रही थी वो जगह जगह टूटी हुई थी. जिसके बाद जब थाने पर पुलिस की होली खेली जाती है सभी अफसर थाने से सीधे उसी झोंपड़ी पर पहुँचे. सबने खुद अपने हाथों के गैंती फावड़ा लेकर गड्ढे खोदे और पिलर गाड़े. उसके बाद मौक़े पर एसडीओपी संतोष पटेल व हस्तिनापुर की पुलिस ने अपने हाथों से टीन शेड लगाया व अग़ल बग़ल लकड़ी की टटिया बनाकर ग्रीन नेट से सजाया साथ ही लीप पोतकर नया आशियाना बनाकर दिया. गाँव के समाज सेवी ऋषभ यादव ने अम्मा के लिए गद्दा, रज़ाई व कुर्सी का इंतजाम कर दिया. वर्षों से टपकती झोंपड़ी में रह रही बुजुर्ग महिला और उसके नाती अपना खूबसूरत नया घर देखकर काफी खुश नजर आए बल्कि बुजुर्ग महिला की आंखों में तो खुशी के आंसू आ गए.

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हस्तिनापुर थाने से निकाली गई रंगो की फेरी

इसके बाद पुलिस और प्रशासन के लोगों ने हस्तिनापुर थाने से रंगो की फेरी निकली जिसमें पुलिस के साथ गाँव वाले ढोल बाजे के साथ निकले. एसडीओपी बेहट संतोष पटेल ने जगह जगह लोगो को चुनाव जागरूकता गीत गाया जिसके बोल थे- रंग गुलाल लगाना है, वोट डालने जाना है. वोट डालना बहुत ज़रूरी, वोट के बिन ज़िंदगी अधूरी. लोकतंत्र का जश्न मनाना है-वोट डालने जाना है. इस समारोह में गाँव के सरपंच व ग्राम वासी उपस्थित रहे.

मानवता के रंग दिखाने वाली पहल: एसडीओपी

एसडीओपी बेहट संतोष पटेल का कहना है यह पहल छोटी है लेकिन है पुलिस की वर्दी पहनने के बाद मानवता के रंग दिखाने वाली है. इसमें टीम के कप्तान थाना प्रभारी राजकुमार राजावत के साथ कदम से कदम मिलाकर खाकी का सम्मान बढ़ाने वाले सउनि वीर सिंह, हवलदार मनोज, वकील सिंह, आरक्षक सुनील परिहार,देशराज,धर्मेंद्र पवैया,राघवेंद्र सिंह,नरेंद्र सिंह,शिवम सिंह,रघुवंशी राठौर,सर्वेश गुप्ता, नागेश शर्मा, सत्येंद्र धाकड़ की सराहनीय भूमिका रही. हम सबके जीवन मे इससे सचमुच गर्व का अमिट रंग भर गया.

 

 

 

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