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OBC आरक्षण पर CM मोहन यादव का बड़ा बयान, बोले- SC में पेश किए 15 हजार पेज के दस्तावेज, 13% पदों को अनहोल्ड करने की अपील की

CM Mohan Yadav

सीएम मोहन यादव

OBC Reservation: सीएम मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण को लागू करने के मामले में बड़ा बयान दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में 15 हजार पेज के दस्तावेज पेश किए हैं. इसके साथ ही हमने कोर्ट में अपील की है कि 13 फीसदी होल्ड पदों को अनहोल्ड किया जाए. उन्होंने आगे कहा कि हम सभी वर्गों को आगे लेकर बढ़ना चाहते हैं, सबका साथ, सबका विकास हमारी सरकार का मंत्र है. कांग्रेस के लोगों से भी आग्रह है, हम सब साथ हैं. जल्दबाजी न करें ओबीसी का भी नुकसान हो जाएगा.

8 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण को लेकर 24 सितंबर को सुनवाई हुई. सरकार की ओर से कोर्ट में 15 हजार पेज के दस्तावेज पेश किए गए. छात्रों की ओर से पेश वकील ने कहा कि सरकार ने हमें 15 हजार पेज की रिपोर्ट एक रात पहले ही दी है, जिसे पढ़ना मुश्किल है. कोर्ट ने तल्ख टिपण्णी करते हुए कहा कि आप लोग बहस करना ही नहीं चाहते हैं. ये बहुत गंभीर मसला है. हम इस विषय पर सुनवाई करना चाहते हैं, लेकिन आप ही तैयार नहीं हैं. अब इस मामले में अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी.

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वर्तमान में इस तरह है व्यवस्था

मध्य प्रदेश में फिलहाल अनुसूचित जाति को 16 फीसदी, अनुसूचित जनजाति को 20 फीसदी, ओबीसी को 14 प्रतिशत और EWS को 10 परसेंट आरक्षण मिलता है. इस तरह कुल आरक्षण 60 फीसदी हो जाता है. यदि अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण मिलता है तो ये सीमा 73 फीसदी पहुंच जाएगे.

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने परीक्षा परिणाम जारी करने के लिए 87-13 फॉर्मले का अपनाया है. अब इसी फॉर्मूले के खिलाफ ओबीसी स्टूडेंट्स ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है

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