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गरीब मासूम के लिए भगवान बने डॉक्टर! फ्री में लगाए 75 हजार के इंजेक्शन, ‘GBS’ बीमारी से था पीड़ित

After treatment at the district hospital, the child has become completely healthy.

जिला अस्पताल में इलाज के बाद बच्चा पूरी तरह स्वस्थ्य हो गया है.

Input- सौरभ

MP News: आज हम आपको मानवता और डॉक्टरों के सेवा भाव की एक ऐसी कहानी दिखाने जा रहे हैं, जो आपके दिल को छू लेगी. यह कहानी है दिल्ली से पन्ना लौटे एक 6 साल के मासूम ‘आदर्श’ की. ​मजदूरी करने वाले माता-पिता के इस इकलौते चिराग को ‘जीबीएस’ नाम की एक ऐसी दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल बीमारी ने जकड़ लिया था, जिसने बच्चे के शरीर को धीरे-धीरे पैरालिसिस जैसी स्थिति में ला खड़ा किया. बीमारी के इलाज के लिए 75 हजार रुपये की जरूरत थी. परिवार इलाज कराने में सक्षम नहीं था. जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर पीके गुप्ता की मदद से बच्चे का फ्री में इलाज करवाया गया और उसे नया जीवनदान मिला.

दिल्ली के डॉक्टर बीमारी का पता नहीं लगा सके

आदर्श के मामा आशीष कुमार ने बताया कि बच्चा कुछ दिन पहले दिल्ली घूमने गया था. लकिन दिल्ली में वह बीमार हो गया. 4-5 दिनों तक उसका दिल्ली में इलाज करवाया. डॉक्टर ने कहा कि थोड़े दिनों में ठीक हो जाएगा. लेकिन स्थिति बिगड़ती गई और धीरे-धीरे बच्चे को चलने-फिरने में दिक्कत होने लगी. इसके बाद हम लोग बच्चे को पन्ना ले आए, जहां डॉक्टर्स ने जांच की पता चला कि उसे जीबीएस नाम की बीमारी है. इस बीमारी के लिए बच्चे को इम्यूनोग्लोबुलिन (IVIG) इंजेक्शन की जरूरत थी, जिसके एक डोज की कीमत करीब 15 हजार रुपये थी. जबकि पूरा कोर्स 5 दिनों का था. पैसों की तंगी के कारण परिवार के सामने दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था. लेकिन तभी अस्पताल के डॉक्टर परिवार के लिए फरिश्ता बनकर आए.

‘बच्चा गंभीर स्थिति में हमारे पास आया था’

पन्ना जिला अस्पताल के डॉक्टर प्रदीप गुप्ता ने बताया कि 6 साल का बच्चा ‘जीबीएस’ नाम की बीमारी से पीड़ित था. बच्चा जब हमारे पास आया था तो चलने-फिरने की स्थिति में नहीं था. परिवार वाले काफी गरीब हैं. ऐसे में अस्पातल की तरफ से बच्चे की पूरी मदद की गई. इलाज में 5 दिनों में लगभग 75 हजार रुपये खर्च हुए. हालांकि इलाज के बाद बच्चा पूरी तरह स्वस्थ्य हो गया है. बच्चा अब ठीक से चलफिर पा रहा है. कुछ ही दिनों में वह एकदम सामान्य हो जाएगा.

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