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MP News: फैशन डिजाइनर से धोखाधड़ी का मामला, जांच में पुलिस अधिकारी राजेश मिश्रा पर लगे आरोप पाए गए सही

Rajesh Mishra (File Photo)

राजेश मिश्रा(File Photo)

MP News: जयपुर में फैशन डिजाइनर के साथ 30 से 35 लाख रुपए की ठगी के मामले में पुलिस अधिकारी राजेश मिश्रा की मुश्किल बढ़ सकती है. पिछले दिनों उन्हें पुलिस ट्रेनिंग अकादमी पीटीआरआई भेज दिया था. इस दौरान पुलिस मुख्यालय ने जांच भी पूरी कर ली है. फैशन डिजाइनर के लगाए गए पूरे आरोप सही पाए गए हैं. इस घटना के आधार पर सीआईडी से एक ही दिन में ट्रांसफर करते हुए राजेश मिश्रा को हटा दिया था.

आरोप गंभीर थे जिसके बाद फाइनल में उन्हें ट्रांसफर के साथ रिलीव कर दिया गया है. सूत्रों का कहना है कि जल्द ही रिपोर्ट के आधार पर विभागीय जांच शुरू होगी. इसके बाद मामला कोर्ट में भी जाएगा. साथ ही वसूली भी की जाएगी, लेकिन इस प्रक्रिया में समय लगेगा. फिलहाल आईपीएस बनने का सपना राजेश मिश्रा का अधूरा रहेगा. माना जा रहा था कि कुछ सालों में वह राज्य पुलिस सेवा से अखिल भारतीय पुलिस सेवा के कैडर में शामिल हो सकते हैं, लेकिन इस करतूत ने उनके सपने को चकनाचूर कर दिया.

होटल की बुकिंग, ज्वेलरी और कई अन्य खर्चों का दिया हिसाब

जयपुर की फैशन डिजाइनर ने डीजीपी को पत्र लिखते हुए सारे खर्चे के बारे में जानकारी दी थी. उसने बताया कि आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में पदस्थ राजेश मिश्रा जयपुर आए हुए थे. यहां पर शॉपिंग की थी. इसके साथ-साथ पत्नी और बेटी ने सोने चांदी के जेवर लिए थे. हालांकि राजेश मिश्रा ने यह भरोसा दिलाया कि भोपाल जाने के बाद वह भुगतान कर देंगे. लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी राजेश मिश्रा ने फोन उठाना बंद कर दिया. इसके बाद खर्च कराई गई रकम को भी नहीं लौटाया. पीड़िता ने राजेश मिश्रा के पूरे कारनामे और लेनदेन का चिट्ठा डीजीपी को भेज दिया. जिसके बाद शिकायत हुई और अब आरोप सही साबित पाए गए हैं.

ऐसे सबूतों के आधार पर तय हुआ आरोप

फैशन डिजाइनर ने बताया कि राजेश मिश्रा की पहचान उनसे साल 2025 में हुई थी. इस दौरान उन्होंने कई यात्राएं की और दोनों के बीच में शारीरिक संबंध भी बनाने की कोशिश हुई. इस दौरान एक प्रसिद्ध मंदिर में दोनों ने हवन भी किया था. साथ में जिन होटल में रुके, उसका पूरा खर्चा महिला ने उठाया. इन तमाम बातों का जिक्र करते हुए शिकायत में आधार और तथ्य बातें लिखी थी. जिसके आधार पर पुलिस को विवेचना करने में मुश्किल नहीं हुई और पीड़िता के लगाए गए सभी आरोप साबित हुए. इसके बाद राजेश मिश्रा के खिलाफ विभागीय जांच करने का फैसला लिया है. उनके खिलाफ जल्द ही आरोप पत्र जारी किया जाएगा.

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