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भीषण गर्मी में पेड़ के नीचे लगाए जा रहे टीके… लाखों की बिल्डिंग बनी शो पीस, नई मुसीबतों को न्यौता दे रहा स्‍वास्‍थ्य महकमा

Pregnant women are being vaccinated under trees

गर्भवती महिलाओं को पेड़ के नीचे लगाए जा रहे टीके

MP News: देशभर में इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है, मध्‍य प्रदेश के कई जिलों में पारा आसमान को छू रहा है. आलम यह है कि लोग घरों से निकलने में भी डर रहे हैं. ऐसे में भी सिस्‍टम अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. प्रदेशभर के अस्‍पतालों की हकीकत क‍िसी से छ‍िपी नहीं है. किस तरह लोग हमेशा ही इलाज के लिए भटकते नजर आते हैं. लेकिन इस तपती दोपहरी में गर्भवती मह‍िलाओं की सेहत के साथ भी खिलवाड़ हो रहा है. पूरा मामला प्रदेश की संस्‍कारीधानी कहे जाने वाले जबलपुर का है.

दरअसल, जबलपुर जिले के बरगी नगर क्षेत्र में बने प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र को प्रशासन और स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने पूरी तरह से नजर अंदाज कर दिया है. इस स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र पर मूलभूत सुविधाएं नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्‍चों को पेड़ के नीचे बैठाकर टीके लगाए जा रहे हैं और इसके वीडियो भी सोशल मी‍डिया पर सामने आए हैं. हालांकि वीडियो सामने आने के बाद सीएमएचओ ने जांच के आदेश दिए हैं.

डॉक्‍टर्स गर्भवती मह‍िलाओं को इस तरह की सलाह देते हैं कि जितना हो सके गर्भ के दौरान कंफर्ट रहें. लेक‍िन, यहां कंफर्ट होने के बजाय नई नई परेशान‍ियां व‍िभाग की तरफ से दी जा रही हैं. भीषण गर्मी को लेकर पीएम मोदी से लेकर सीएम मोहन तक च‍िंता
जाह‍िर कर चुके हैं. यहां तक उन्‍होंने लोगों से अपील की थी कि जितना हो सके इस समय अपना बचाव करें. अब ऐसे में सवाल उठता है कि व‍िभाग बचाव कर रहा है कि नई मुसीबतों को न्‍यौता दे रहा है.

गर्भवती महिलाओं को पेड़ के नीचे लगाए जा रहे टीके

शासन के निर्देशानुसार गर्भवती महिलाओं को सप्‍ताह में निर्धारित किए गए दिन टीकाकरण किया जाता है. बरगी नगर प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र में हर दिन करीब 20 से 25 गर्भवती महिलाएं आती है और कई महिलाएं नवजात बच्‍चों को भी टीका लगवाने के लिए लेकर आती है. जिले में तापमान 44 डिग्री पहुंच गया है, ऐसे में महिलाएं धूप और भीषण गर्मी में पेड़ के नीचे बैठकर स्‍वास्‍थ्‍य सेवा लेने को मजबूर हो रही है.

बिजली विभाग ने भी बंद की अपनी आंखे

स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र में बिजली नहीं होने पर केंद्र में काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि करीब पांच दिन पहले तेज हवा के कारण स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र की बिजली लाइन के तार टूट गए. इसके बाद कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को इसकी सूचना दी गई, लेकिन अब तक समस्‍या का कोई हल नहीं निकाल गया. केंद्र पर बिजली नहीं होने के कारण पंखे और अन्‍य व्‍यवस्‍थाएं पूरी तरह से बंद है, मजबूरी में बाहर पेड़ के नीचे बैठकर टीकाकरण और उपचार करना पड़ रहा है.

व्‍यवस्‍थाओं के ब‍िना ही चल रहा स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र

मसला केवल बिजली और मूलभूत सविधाओं तक ही सीमित नहीं है, कर्मचारियों का कहना है कि प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र पर उल्‍टी, दस्‍त और बुखार से पीड़‍ित कई मरीज अपना इलाज करवाने के लिए यहां पहुंचते हैं और करीब पांच से छह गांव इस एक मात्र स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र पर निर्भर है, लेकिन फिर भी यहां पर पर्याप्‍त स्‍टाफ उपलब्ध नहीं है. स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र को केवल सेक्टर सुपरवाइजर और सीएचओ ही संभाल रहे हैं. इस केंद्र पर लापवाही इतनी है कि यहां पर न तो कोई डॉक्‍टर पदस्‍थ है और न ही कोई स्‍टाफ नर्स की व्‍यवस्‍था है.

शो पीस बनी लाखों की नई बिल्डिंग

स्‍थानीय कर्मचारियों का कहना है कि स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने नई बिल्डिंग का भी निर्माण कराया है, लेकिन वहां भी किसी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे अभी तक शुरू नहीं किया जा सका है, यहां तक की नई बिल्डिंग में पीने के पानी की भी व्‍यवस्‍था नहीं की गई है.

जांच की बात कह रहे अध‍िकारी

स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद सीएमएचओ डाॅ. नवीन कोठारी ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. उन्‍होंने आश्वासन दिया कि स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र की सभी व्‍यवस्‍थाओं को जल्‍द ही पूरी तरह से ठीक की जाएंगी. बिजली की समस्‍या पर भी बिजली विभाग से चर्चा कर ली गई है और लाइन को सुधारने का काम कराया जाएगा.

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