Mauganj News: मऊगंज जिले में सीएम हेल्पलाइन के लंबित मामलों को लेकर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए 18 अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है. जन शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं. चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
रैंकिंग गिरने से नाराज कलेक्टर
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों का निराकरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत आयोजित शिविरों में भी सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई के सभी आवेदनों के शत-प्रतिशत निराकरण के निर्देश दिए गए थे. इसके बावजूद अगस्त माह में दर्ज शिकायतों और 50 दिनों से अधिक समय से लंबित प्रकरणों के निस्तारण में गंभीर लापरवाही सामने आई, जिससे विभागों और जिले की रैंकिंग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा.
इन अधिकारियों पर गिरी गाज
कार्रवाई की जद में तहसीलदार मऊगंज वीके पटेल, तहसीलदार हनुमना शिवम कुमार गौतम, तहसीलदार नईगढ़ी सुनील कुमार द्विवेदी शामिल हैं. इसके अलावा मुख्य नगर पालिका अधिकारी मऊगंज संतोष कुमार सिंह, मुख्य नगर पालिका अधिकारी हनुमना एवं नईगढ़ी सुरेश कुमार सोनवानी, जनपद पंचायत मऊगंज के सीईओ परमानंद तिवारी, जनपद पंचायत नईगढ़ी की सीईओ ऊषा किरण गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. प्रेमलाल मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी आशीष द्विवेदी, बीएमओ मऊगंज डॉ. एस.डी. कोल, बीएमओ हनुमना डॉ. नागेंद्र प्रसाद मिश्रा सहित कई विभागीय अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है.
ऊर्जा विभाग और शिक्षा विभाग भी निशाने पर
कलेक्टर की कार्रवाई से ऊर्जा विभाग भी नहीं बच पाया. मऊगंज, हनुमना, नईगढ़ी और ढेरा क्षेत्र के पांच कनिष्ठ अभियंताओं को नोटिस जारी किया गया है. वहीं मऊगंज, हनुमना और नईगढ़ी के विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को भी जवाब तलब किया गया है.
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साफ संदेश-लापरवाही बर्दाश्त नहीं
कलेक्टर की इस कार्रवाई को जिले में प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. सीएम हेल्पलाइन में शिकायतों के समयबद्ध और संवेदनशील निराकरण को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है. तीन दिन बाद अधिकारियों के जवाबों की समीक्षा होगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
