MP News: रीवा से बीजेपी सांसद जनार्दन मिश्रा अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं. 9 अगस्त को रीवा एयरपोर्ट पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एथेनॉल के इस्तेमाल को लेकर बात करते हुए बघेली भाषा में ऐसा वाक्य कहा, जिस पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया. बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विपक्ष ने सांसद के शब्दों पर सवाल उठाए. विवाद बढ़ने के बाद सांसद ने सफाई देते हुए कहा कि उनका किसी का अपमान करने का इरादा नहीं था.
एथनॉल पर बोलते हुए दिया बयान
रीवा एयरपोर्ट पर नई हवाई सेवाओं के शुभारंभ कार्यक्रम में सांसद जनार्दन मिश्रा ने एथेनॉल को देश की जरूरत बताया. उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के लिए भारत को बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है. ऐसे में एथेनॉल का इस्तेमाल बढ़ाने से देश का पैसा देश में ही रहेगा और विदेशी मुद्रा की बचत होगी. इसी दौरान उन्होंने बघेली में कहा, “तोंरे बाप के लगे से लेगी.” उनके इस कथन को लेकर विवाद शुरू हो गया.
बोले- बघेली में यह अपमानजनक शब्द नहीं
विवाद पर सफाई देते हुए मिश्रा ने कहा कि बघेली भाषा में इस तरह के शब्द सामान्य बातचीत, मजाक या उलाहने के तौर पर इस्तेमाल होते हैं. उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या समुदाय का अपमान करना नहीं था. सांसद ने माना कि सार्वजनिक जीवन में रहते हुए उन्हें अपनी भाषा के इस्तेमाल को लेकर अधिक सावधानी बरतनी चाहिए थी.
जनता को ठेस लगी तो मांगी माफी
सांसद ने कहा कि अगर उनके बयान से आम जनता को तकलीफ हुई है या किसी को उनका बयान गलत लगा है, तो उन्हें खेद व्यक्त करने में कोई परेशानी नहीं है. उन्होंने कहा कि जनता उनके लिए भगवान के समान है और जनता के सामने सिर झुकाने में उन्हें कोई संकोच नहीं है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका किसी को अपमानित करने या किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था.
एथनॉल को लेकर अपनी बात पर कायम
जनार्दन मिश्रा ने कहा कि देश को पेट्रोल और डीजल के लिए विदेशों पर निर्भरता कम करनी होगी. एथेनॉल के इस्तेमाल से विदेशी मुद्रा की बचत हो सकती है और वह पैसा देश के विकास में लगाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि वाहन कंपनियां एथनॉल मिश्रित ईंधन के अनुरूप वाहन बनाने की दिशा में काम कर रही हैं. सांसद ने यह भी कहा कि माइलेज में मामूली अंतर या कुछ तकनीकी समस्याओं के कारण एथनॉल का इस्तेमाल रोकना उचित नहीं होगा.
देश को आत्मनिर्भर बनाना लक्ष्य
मिश्रा ने केंद्र सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान का जिक्र करते हुए रक्षा उत्पादन और निर्यात का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि देश रक्षा क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर हो रहा है और भविष्य में पेट्रोलियम ईंधन के मामले में भी विदेशी निर्भरता कम करना जरूरी है. उन्होंने दोहराया कि उनके बयान का उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं, बल्कि एथेनॉल के फायदे और देश की आर्थिक जरूरतों पर बात करना था.
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