‘शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के घर से आएगा?’, रीवा से BJP सांसद के फिर बिगड़े बोल
रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा
Janardan Mishra Statement: रीवा से भारतीय जनता पार्टी के सांसद जनार्दन मिश्रा एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं. इस बार उन्होंने एथेनॉल पेट्रोल को लेकर विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा- आंदोलन हो रहा है एथेनॉल नहीं चलेगा, शुद्ध पेट्रोल चलेगा. शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के घर से आएगा? रीवा सांसद का यह बयान अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इससे पहले भी रीवा सांसद अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में रहे हैं. पढ़ें उन्होंने क्या कहा?
भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा ने यह विवादित बयान रीवा एयरपोर्ट पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही. सांसद रीवा से भोपाल और कोलकाता के लिए शुरू हुई नई उड़ानों के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने एथेनॉल को लेकर विवादित बयान दे दिया. सांसद ने कहा कि भारत में केवल 20 प्रतिशत कच्चे तेल का उत्पादन होता है, जबकि 80 प्रतिशत तेल विदेशों से आयात करना पड़ता है. ऐसे में जब पीएम मोदी पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने की बात करते हैं तो कुछ लोग विरोध में आंदोलन करने लगते हैं.
"शुद्ध पेट्रोल हईये नहीं.. शुद्ध पेट्रोल……"
— Abhinav Barolia Mali (@abhinavmaddy) August 9, 2026
यह है रीवा से भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा इनके अपशब्दो को सुनिए घमंड अहंकार से लबरेज है
जनता जवाब चाहती है तो यह दंभ दिखा रहे है #इथेनॉल pic.twitter.com/QmPbnloU1a
बेवजह विरोध करने की बात कही
इस दौरान सांसद ने दूसरे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया में सबसे ज्यादा एथेनॉल ब्राजील बनाता है. वहां पर 100 प्रतिशत गाड़ियां एथेनॉल से चल रही हैं. इसके बावजूद भी वहां पर कोई समस्या नहीं है. भारत में भी ऐसी कोई समस्या नहीं है, इसके बावजूद यहां बेवजह विरोध किया जा रहा है.
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शुद्ध पेट्रोल तोहरे बाप के यहां से आई?: सांसद
उन्होंने आगे कहा कि जब मोदी जी कहते हैं कि 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाया जा रहा है तो विरोध हो रहा है कि एथेनॉल न चली, केवल शुद्ध पेट्रोल चली. इस दौरान सांसद ने बघेली भाषा में कहा कि शुद्ध पेट्रोल तोहरे बाप के यहां से आई? शुद्ध पेट्रोल हइये नहीं आ देश मा तो कहां से आई? हिंदुस्तान के गाड़ी एथेनॉल से चलहीं. चल सकती हैं, लेकिन लोग कहत हैं नहीं एथेनॉल न बनावा. एथेनॉल न बनावत तो पेट्रोल कहां से आबै, डीजल कहां से आबै?