Rewa: रीवा के संजय गांधी अस्पताल में सामने आई अव्यवस्थाओं की तस्वीर के अब स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की निगरानी को लेकर प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू की है. रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने जिले के प्रमुख अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर नजर रखने के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की है थी जो सुचारू रूप से चल रही है. अब प्रतिदिन एक प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहा है. खास बात यह है कि निरीक्षण औचक भी हो सकता है.
संजय गांधी अस्पताल में अव्यवस्था
संजय गांधी अस्पताल में पिछले कुछ दिनों से लगातार सामने आ रही अव्यवस्थाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ाई है. इसी के बाद अब अस्पतालों की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी के लिए नई व्यवस्था की गई है. आदेश के मुताबिक राजस्व और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए अलग-अलग दिन निर्धारित किए गए हैं. तय कार्यक्रम के अनुसार हर दिन एक अधिकारी अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लेगा.
खुद अधिकारी करेंगे निरीक्षण
अधिकारी अस्पताल में साफ-सफाई, मरीजों की सुविधाएं, चिकित्सकों और कर्मचारियों की मौजूदगी समेत तमाम व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे. इसके साथ ही निरीक्षण औचक भी किया जा सकता है, ताकि अस्पताल की वास्तविक स्थिति सामने आ सके. माना जा रहा है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही बढ़ाना और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है.
लगातार खामियों के बाद प्रशासन अलर्ट
दरअसल, पिछले दिनों रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने संजय गांधी अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था. इस दौरान अस्पताल में कई अव्यवस्थाएं सामने आई थीं, जिस पर कलेक्टर ने अधिकारियों को आवश्यक सुधार और व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे. अब रोजाना प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण की व्यवस्था के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है.
संजय गांधी अस्पताल में लगातार सामने आ रही अव्यवस्थाओं के बाद अब प्रशासन ने निगरानी का तरीका बदल दिया है. प्रतिदिन एक प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं की पड़ताल करेगा और जरूरत पड़ने पर औचक निरीक्षण भी किया जाएगा. ऐसे में अब देखना होगा कि प्रशासन की यह नई व्यवस्था अस्पताल की जमीनी व्यवस्थाओं में कितना बदलाव ला पाती है.
फिलहाल प्रशासन की इस नई व्यवस्था से अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही बढ़ने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है. अब अधिकारियों के निरीक्षण में सामने आने वाली कमियों और उन पर होने वाली कार्रवाई पर भी नजर रहेगी.
