मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे चित्रकूट के जंगलों में हमेशा से खूंखार डकैतों का सम्राज्य रहा है. चित्रकूट (बुंदेलखंड) का इलाका दशकों तक बीहड़ों के कुख्यात डकैतों और उनके आतंक के लिए जाना जाता रहा है. ददुआ, गौरी यादव और ठोकिया जैसे डकैतों ने इस पूरे इलाकों को अपना गढ़ बना लिया था. अब सतना पुलिस ने इन्हीं चित्रकूट के जंगलों से एक और फरार चल रहे डकैत को पकड़ा है.
2015 से फरार था आरोपी
पुलिस ने 2015 के एक चर्चित अपहरण मामले में 10,000 रुपये के इनामी आरोपी लल्लू यादव (45) को उसके पैतृक गांव जमनिहाई टिकरिया (चित्रकूट, उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से फरार था और दिल्ली में बतौर सिक्योरिटी गार्ड काम कर रहा था. सबसे हैरानी वाली बात तो ये है कि पुलिस को बकरी चोरों की गैंग की तलाश कर रही थी तभी ये डकैत पुलिस टीम के हाथ लगा है.
बकरी चोरों की तलाश में जुटी थी पुलिस
दरअसल, सतना जिले की धरकुंडी पुलिस सीमावर्ती जंगलों में बकरी चोरों की तलाश के लिए कबिंग कर रही थी. इसी दौरान मुखबिर के दौरान पुलिस को एकदम सटीक सूचना मिली. पुलिस को डकैत के बारे में सूचना मिली कि इनामी बदमाश में अपने घर लौटा है जल्द ही दिल्ली भागने की फिराक में हैं. थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि पुलिस को इस बात की पहले से जानकारी थी कि बदमाश इसी इलाके में रहता हैं.
पुलिस ने बदमाश को किया गिरफ्तार
पुलिस टीम जब बकरीचोरों की तलाश में जुटा था तभी मुखबिर से मिले इनपुट पर कार्रवाई करते हुए बदमाश के घर पर दबिश दी गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के अनुसार, लल्लू यादव साल 2015 में ओरमानी गांव के रहने वाले रामसेवक के अपहरण के मामले में वांछित था. उस पर आईपीसी की धारा 364ए (फिरौती के लिए अपहरण), 323, 506, 34 और आर्म्स एक्ट के तहत गंभीर मामले दर्ज हैं.
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