Mauganj News: मऊगंज जिले की एक ग्राम पंचायत में एक सचिव की कथित कार्यप्रणाली ने पूरे प्रशासनिक तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जनपद पंचायत हनुमना अंतर्गत ग्राम पंचायत पहाड़ी में पिछले करीब एक वर्ष से विकास कार्यों की रफ्तार थमी हुई है. ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव रामधनी मिश्रा की मनमानी के कारण पंचायत का कामकाज प्रभावित है और विकास कार्यों पर अघोषित रोक लग गई है.
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत की डीएससी (Digital Signature Certificate) चालू नहीं होने के कारण भुगतान प्रक्रिया रुकी हुई है, जिससे विकास कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं. सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले हितग्राही पंचायत के चक्कर लगाने को मजबूर हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है.
एक साल से पंचायत में पसरा सन्नाटा
ग्राम पंचायत पहाड़ी के ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव रामधनी मिश्रा पिछले लगभग एक वर्ष से नियमित रूप से पंचायत में उपस्थित नहीं हो रहे हैं. पंचायत भवन में पहुंचने वाले ग्रामीण घंटों इंतजार करते हैं, लेकिन कई बार उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ता है ग्रामीणों के अनुसार पंचायत के जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं.
समग्र आईडी में सुधार, प्रधानमंत्री आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, संबल योजना, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित कई महत्वपूर्ण कार्य लंबित पड़े हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की योजनाओं का लाभ पाने के लिए उन्हें अधिकारियों के दरवाजे खटखटाने पड़ रहे हैं, जबकि पंचायत स्तर पर ही समस्याओं का समाधान होना चाहिए.
बरसात आई, लेकिन इंतजाम नहीं
बरसात के मौसम में पंचायत की व्यवस्थाएं सवालों के घेरे में हैं. ग्रामीणों का कहना है कि नालियों की सफाई, जल निकासी और अन्य जरूरी कार्य नहीं हो सके हैं. कई रास्ते बदहाल हैं और बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बनने की आशंका बनी हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पंचायत की व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो आने वाले दिनों में गांव में गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है.
सरपंच का छलका दर्द, बोले- विकास हुआ कैद
ग्राम पंचायत पहाड़ी के सरपंच सरफराज अहमद ने सचिव रामधनी मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं सरपंच का कहना है कि सचिव की पदस्थापना के बाद से पंचायत का कामकाज प्रभावित हुआ है और करीब एक वर्ष से विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत का खाता प्रभावित होने के कारण विकास कार्यों के भुगतान और अन्य जरूरी कार्य नहीं हो पा रहे हैं.
सरपंच ने बताया कि इस मामले को लेकर जनपद पंचायत हनुमना, जिला पंचायत मऊगंज और कलेक्टर कार्यालय तक कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा कि यदि बरसात के दौरान जलभराव या किसी प्रकार की जनहानि होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की होगी.
शिकायतों का ढेर, कार्रवाई का इंतजार
ग्राम पंचायत पहाड़ी का मामला अब कई सवाल खड़े कर रहा है. जब सरपंच और ग्रामीण लगातार शिकायत कर रहे हैं तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या एक सचिव इतना प्रभावशाली हो गया है कि सरपंच से लेकर जिला पंचायत तक की शिकायतें बेअसर साबित हो रही हैं? ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत का विकास एक व्यक्ति की कार्यप्रणाली के कारण रुक गया है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब तक कोई निर्णायक कदम नहीं उठा पाए हैं.
अब प्रशासन की अग्निपरीक्षा, ग्रामीणों को न्याय का इंतजार
अब निगाहें मऊगंज कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और जनपद पंचायत हनुमना के अधिकारियों पर टिकी हैं. ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पंचायत की व्यवस्था को बहाल करेगा और रुके हुए विकास कार्यों को गति देगा. सवाल सिर्फ पहाड़ी पंचायत का नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक सिस्टम की जवाबदेही का है. आखिर एक वर्ष से विकास पर लगे इस ताले की चाबी किसके पास है? कब खुलेगा विकास का रास्ता? और पहाड़ी पंचायत के हजारों ग्रामीणों को उनका अधिकार कब मिलेगा.
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