Sagar Liquor Tragedy: सागर में जहरीली शराब ने 10 लोगों की जीवनलीला समाप्त कर दी है. इससे सबसे ज्यादा प्रभावित बमूरा गांव है. जहां अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है. इस हादसे में गोविंद सिंह लोधी की भी मृत्यु हुई है. वहीं, उनके दोनों बेटे अस्पताल में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं. मृतक गोविंद के रिश्तेदारों का कहना है कि ये सब तुरंत बंद होना चाहिए.
‘शरीर पूरा सुन्न पड़ गया था’
मृतक गोविंद लोधी के भाई जगदीश ने पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया. कहा कि सुबह मालूम चला कि जहरीली शराब पीने से उनकी तबीयत खराब हो गई है. इसके बाद इन्हें बंडा ले जाएगा, जहां से उन्हें सागर रेफर कर दिया गया. इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई. जगदीश ने बताया कि गोविंद खेती-किसानी करते थे और हर दिन शराब पीते थे.
उन्होंने आगे बताया कि जहरीली शराब पीने के बाद गोविंद को दिखाई नहीं दे रहा था. पूरा शरीर सुन्न पड़ गया था. गोविंद के दो बेटे राम प्रसाद और भूरे की तबीयत खराब है. बड़े बेटे राम प्रसाद को सागर से भोपाल रेफर कर दिया गया है. वहीं, छोटा बेटा अभी भी सागर के अस्पताल में भर्ती है.
‘अवैध शराब पर रोक लगनी चाहिए’
एक अन्य रिश्तेदार ने बताया कि अब घर में कोई मुखिया नहीं बचा है. पिता की मौत हो गई. दोनों बेटे अस्पताल में भर्ती है. गोविंद के भाई अलग-अलग रहते हैं. शासन थोड़ी बहुत मदद दे दे तो अच्छा होगा. आगे कहा कि अवैध शराब को पूरी तरह बंद होना चाहिए, ताकि बच्चों का भविष्य बचे रहे. इस पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए.
एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि ये शराब गांव-गांव में बिक रही है. इसे बंद होना चाहिए. गांव-गांव में 4-6 जगहों पर शराब बेची जा रही है. यहां माफिया एक्टिव है. मृतक के रिश्तेदार देवी सिंह का कहना है कि ये दुखद है. गांव में जगह-जगह पर शराब बेची जा रही है. जिसका कोई हिसाब-किताब नहीं है.
