Dewas Liquor Case: देवास शराब कांड में एसपी आदित्य मिश्रा ने बड़ा खुलासा किया है. मैनेजर विजय कमीशन लेकर शराब की सप्लाई करता था. सिंडिकेट का कोई ड्राइवर या सदस्य पकड़ा जाता था, तो विजय उसे छुड़वाने का काम करता था. शराब सिंडिकेट के गुजरात कनेक्शन की जांच के लिए पुलिस गिरफ्तार आरोपियों को लेकर गुजरात रवाना होगी. गुजरात में किन लोगों को शराब की सप्लाई की जाती थी, इसका खुलासा करने के लिए पुलिस जांच कर रही है.
मामले में 10 से ज्यादा संदिग्धों से लगातार पूछताछ की जा रही है. चार से पांच जिलों की पुलिस टीमें ऑपरेशन में जुटी हैं. कार्रवाई में अलीराजपुर पुलिस टीम ने अहम भूमिका निभाई है. शराब सिंडिकेट की जड़ तक पहुंचने और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कई जिलों में पुलिस का ऑपरेशन जारी है. पुलिस की कई टीमें लगातार सक्रिय हैं.
कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल को किया था गिरफ्तार
चंदाना में जहरीले केमिकल से बनी अवैध शराब और संदिग्ध मौतों के मामले में पुलिस की जांच के बीच कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आनंद कासलीवाल को सोमवार को गिरफ्तार किया गया. इससे पहले पुलिस उनके बेटे अमन कासलीवाल को भी गिरफ्तार कर चुकी है. अमन पर अवैध शराब बनाने वाले गिरोह को जहरीला केमिकल मेथनॉल बेचने का संदेह है. पुलिस ने जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर उसे इस मामले में आरोपी बनाया था.
जांच में जुटी है पुलिस
पुलिस अब इस पूरे मामले से जुड़े केमिकल की आपूर्ति और अवैध शराब बनाने वाले नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाला मेथनॉल कहां से लाया गया, इसकी सप्लाई किन लोगों ने की और इस नेटवर्क में किसकी क्या भूमिका थी. चंदाना में हुई संदिग्ध मौतों को भी केमिकलयुक्त शराब के सेवन से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि, मौतों की वास्तविक वजह की पुष्टि चिकित्सकीय रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही हो सकेगी.
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