Vistaar Education Conclave: ‘प्रैक्टिकल अप्रोच के साथ पेडागोगी को फॉलो करना लक्ष्य’, एजुकेशन कॉन्क्लेव में बोले LNCT डायरेक्टर
विस्तार एजुकेशन कॉन्क्लेव
Vistaar Education Conclave: एलएनसीटी यूनिवर्सिटी, आई एंड इंफ्रा सर्विसेज डायरेक्टर मुकेश नरुला Vistaar Education Conclave में शामिल हुए. उन्होंने LNCT ग्रुप के बारे में बताते हुए कहा कि हमने पहला कॉलेज 1994 में स्थापित किया था. वर्तमान की बात करें तो हमारे पास तीन यूनिवर्सिटी और 40 से ज्यादा संस्थान हैं. इसके साथ ही कई सारे अस्पताल भी हैं. ये मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मुझे इस कॉन्क्लेव में आने का मौका मिला.
‘अफोर्डेबल कीमत पर शिक्षा प्रदान करना लक्ष्य’
मुकेश नरुला ने आगे कहा कि किसी इंस्टीट्यूट की जर्नी और पहचान उसके द्वारा कैसे नागरिक और स्टूडेंट्स तैयार किए हैं. देश को किस तरह के नागरिक दिए हैं. उनका देश के विकास में किस तरह का योगदान रहा है. LNCT इंस्टीट्यूट आज एक बड़े एम्पायर के तौर पर जाना जाता है. इसकी शुरुआत आसान नहीं थी, कई सारी समस्याएं और रुकावटें थीं. हमारे फाउंडर चेयरमैन जयनारायण चौकसे का एक ही ध्येय था दृढ़निश्चय. उनका मानना है कि ग्रामीण क्षेत्र से जो स्टूडेंट्स आते हैं, जिन्हें अवसर नहीं मिल पाता है, उन्हें अफोर्डेबल दाम पर मेडिकल, टेक्निकल और इंजीनियरिंग एवं प्रोफेशनल एजुकेशन देना है.
‘प्रैक्टिकल अप्रोच के साथ पेडागोगी को फॉलो कर रहे हैं’
डायरेक्टर ने कहा कि मध्य प्रदेश के पहले सेल्फ फाइनेंस प्राइवेट कॉलेज के रूप में नींव रखी गई, जो आज बरगद बन गया है. उन्होंने (फाउंडर चेयरमैन) ने सपना देखा था कि मैक्सिमम स्टूडेंट्स दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं, उन्होंने जो सपना संजोया है, वे उसे पूरा कर सकें. इसके साथ ही देश में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें. इसे ध्यान में रखते हुए प्रैक्टिकल अप्रोच के साथ पेडागोगी को फॉलो कर रहे हैं. इसी का परिणाम है कि आज हम मेडिकल साइंस, मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग, फार्मेसी, लॉ, नर्सिंग साइंस और रिसर्च और भी कई क्षेत्रों में छात्र अपने परिवार, शहर, देश, राज्य और संस्थान का नाम रोशन कर रहे हैं.
‘टीचिंग में हम सबसे ज्यादा अनुशासन को फॉलो करते हैं’
उन्होंने बताया कि काउंसलिंग में LNCT छात्रों के बीच नंबर एक विकल्प रहा है. टीचिंग में हम सबसे ज्यादा अनुशासन को फॉलो करते हैं. डे वन से इसे फॉलो किया जाता है. बच्चों को लगता है कि हम स्कूल से निकलकर वापस स्कूल में आ गए हैं. जब एलुम्नाय बनकर 5 या 8 साल बाद वे वापस आते हैं तो कहते हैं कि 8 घंटे जो आपने बैठना सिखाया यह इस इंस्टीट्यूट की वजह से है. हमारे बेसिक पिलर्स अनुशासन, एकेडिमिक्स हैं, जब ये दोनों चीजें होंगी तो प्लेसमेंट और अवसर अपने आप आएंगे. तीनों पर हम कार्य कर रहे हैं.
आगे कहा कि टेक्निकल एचीवमेंट की बात करें तो साल 2018 से 2025 तक स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन में LNCT की टीम विनर रहती है. ये अचीवमेंट इसलिए हैं कि उन्हें सारे प्लेटफॉर्म मिलते हैं. हमारी अप्रूविंग बॉडी ने जब आइडियल लैब्स को अप्रूव किया उस समय पूरे देश में 49 संस्थान थे. आज हमारे संस्थानों में आइडियल लैब्स हैं. पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं. EV लैब, सीएनसी लैब, लैथ मशीन जो भी छात्रों के लिए जरूरत है वो सब हमारे पास हैं.
खेल में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं
मुकेश नरुला ने बताया कि स्पोर्ट्स की बात करें तो हमारे कई स्टूडेंट्स राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर चुके हैं. अर्जुन वास्कले ने 400 मीटर इंटरनेशनल रनिंग में गोल्ड मेडल जीता है. तीरांदाजी समेत दूसरे खेलों में काफी अच्छा योगदान दे रहे हैं.