‘सिविक सेंस यूनिवर्सिटी के माहौल पर निर्भर करता है’ Vistaar Education Conclave में बोलीं मानसरोवर यूनिवर्सिटी प्रिंसिपल
विस्तार एजुकेशन कॉन्क्लेव
Vistaar Education Conclave: मानसरोवर यूनिवर्सिटी की प्रिंसिपल डॉ. अनामिका श्रीवास्तव ने बताया कि हमने इसकी शुरुआत स्कूल से की थी. इसके बाद साल 2004 में एजुकेशन कॉलेज फिर नर्सिंग कॉलेज और इसके बाद आगे बढ़ते गए. इसके पीछे हमारे ग्रुप का मानना है कि हम यहां संस्कारों को महत्व देते हैं. संस्थान में पढ़ाने वाले मैडल और सर केवल टीचिंग तक सीमित नहीं है बल्कि वे बच्चों से पर्सनली जुड़ते हैं. उनकी जरूरतों को समझते हुए उसे लगातार आगे बढ़ाने का काम करते रहे हैं, यही वजह है कि हम बहुत कम समय में अच्छे तरीके से स्थापित हुए हैं. यूनिवर्सिटी के साथ मेडिकल कॉलेज को स्थापित किया है.
‘इंटरनेशनल कॉलेबोरेशन सेल स्थापित कर रहे हैं’
मानसरोवर यूनिवर्सिटी की डीन मैनेजमेंट डॉ मीनाक्षी श्रीवास्तव ने विजन के बारे में बताया कि हम एक इंटरनेशनल कॉलेबोरेशन सेल स्थापित कर रहे हैं. इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर कई एएमओ साइन करके इंटरनेशनल लेवल पर छात्र और शिक्षक के एक्सचेंज का प्रोग्राम रख रहे हैं. छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्लेटफॉर्म मिले. इसके साथ ही फैकल्टी को भी ऐसी व्यवस्था का लाभ मिल सके. एआई जैसे प्लेटफॉर्म के लिए आईआईटी से MoU साइन करने की प्लानिंग कर रहे हैं. बच्चों नई-नई एजुकेशन से बच्चे रूबरू हो सकें. हम PPP मॉडल पर काम कर रहे हैं.
वन मेला में पुरस्कार मिला
डॉ मीनाक्षी श्रीवास्तव ने बताया कि आयुर्वेद के क्षेत्र में हम बेहतर काम कर रहे हैं. वन मेला में विगत कई वर्षों से पुरस्कार मिल रहा है. पहला स्थान प्राप्त हो रहा है. डॉ. अनामिका श्रीवास्तव ने कहा कि हम इस क्षेत्र में लगातार रिसर्च कर रहे हैं. हमने कई हर्ब्स विकसित किए हैं. कुछ हर्ब्स पर हमारा कॉपीराइट है. उन्होंने आगे कहा कि शहरों में बच्चे तो पढ़ रहे हैं इसके साथ ही गांवों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ना हमारा लक्ष्य है. टाउन एरिया के बच्चे हायर एजुकेशन से जुड़े ये लक्ष्य है.
एमपी की यूनिवर्सिटी को इंटरनेशनल लेवल पर ले जाने के बारे में डॉ. अनामिका श्रीवास्तव ने कहा कि डेंटल और कृषि जैसे क्षेत्र में हम लगातार रिसर्च कर रहे हैं. कृषि क्षेत्र में हम लगातार आगे जा रहे हैं. इसका श्रेय हमें मिलने वाले कॉपीराइट हैं.