Vistaar Education Conclave: मध्य प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए विस्तार न्यूज ने अभिनव पहल की है. ‘Vision MP to Lead India’ के उद्देश्य के साथ राज्य को नई ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए विचार और संवाद कार्यक्रम रखा गया. शिक्षा के भविष्य और अवसरों पर महामंथन को लेकर राजधानी भोपाल के होटल हयात में विस्तार न्यूज एजुकेशन कॉन्क्लेव आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने शिरकत की. उन्होंने मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों के बारे में चर्चा की. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार स्किल बेस्ड शिक्षा पर जोर दे रही है.
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने एजुकेशन सेक्टर में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले नागरिकों को सम्मानित किया
अभी हम सार्थक एप से शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करते हैं लेकिन आने वाले सत्र से स्टूडेंट्स की उपस्थिति भी इसी एप से दर्ज करेंगे. इससे संस्थान भरे-भरे लगेंगे. इससे सरकारी संस्थान ज्यादा लाभान्वित होंगे. – उच्च शिक्षा मंत्री
बड़े शहरों में बहुत विश्वविद्यालय हो गए हैं अब दूरस्थ क्षेत्रों में यूनिवर्सिटी खुलना चाहिए. ऐसे क्षेत्रों में निजी विश्वविद्यालय का खुलना बेहतर होगा. सरकार ऐसे संस्थानों को मदद करेगी – उच्च शिक्षा मंत्री
निजी विश्वविद्यालयों के बारे में उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा शिक्षा के विस्तार में सहयोगी हैं. कई बार कहता हूं कि सरकारी संस्थानों को देखने जाना चाहिए कि कहां अच्छा काम हो रहा है. एक विश्वविद्यालय अपने बच्चों को गांवों में भेज रहा है.
हमारा प्रयास है कि सीखने पर जोर देना है. रटने का काम खत्म होने वाला है, जब तक बच्चा कॉलेज तक पहुंचे तो वह स्किल्ड हो जाए – उच्च शिक्षा मंत्री
शिक्षा का काम अच्छा नागरिक निर्माण करना है – उच्च शिक्षा मंत्री
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 2200 से ज्यादा केस हैं जिससे भर्ती प्रक्रिया में देरी होती है – उच्च शिक्षा मंत्री
शिक्षा विभाग बड़ी संख्या में भर्ती करने जा रहा है – उच्च शिक्षा मंत्री
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे.
अवंतिका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सुरेंद्र एन रहमतकर ने बताया कि स्किल बेस्ड एजुकेशन विश्वविद्यालयों के लिए चुनौती बन गया है कि इसे किस तरह से अप्लाई किया जाए. इसमें सबसे पहलू सामने आता है, शिक्षा की गुणवत्ता. क्वालिटी ऑफ एजुकेशन अवंतिका यूनिवर्सिटी की कमेटमेंट है. उन्होंने आगे कहा कि सबसे पहले आपको अवंतिका यूनिवर्सिटी के बारे में बता दूं कि ये उज्जैन में स्थित है. इसे MIT ग्रुप पुणे ने स्थापित किया है. MIT ग्रुप के पास पिछले 40 सालों में शिक्षा के क्षेत्र में काम करने का अनुभव है. हमें जो विरासत में मिला है उसे हम अप्लाई कर रहे हैं. हम क्वालिटी ऑफ एजुकेशन के लिए कटिबद्ध हैं.
सेज ग्रुप से जुड़ा विद्यार्थी जिस विजन को लेकर आता है, उसे ही हम फॉलो करते हैं. आज हम जिस चीज को लेकर पैशनेट हैं, उसी को लेकर आगे बढ़ते हैं. जो 70 हजार बच्चे यहां हैं, उनके लिए हमें काम करना है. क्योंकि एजुकेशन एक इंसान की जिंदगी ही नहीं बदलता, बल्कि परिवार और देश का भविष्य भी बदलता है.
CO चांसलर प्रशांत जैन, SAGE यूनिवर्सिटी
मध्य प्रदेश में प्राइवेट एजुकेशन की शुरुआत 1994 से हुई, जो काफी मुश्किलों भरी रही. हमने 2004 से शिक्षा के क्षेत्र में काम करना शुरू किया. यूनिवर्सिटी की शुरुआत हमने 2021 में की. हमारा फार्मेसी इंस्टीट्यूट मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में नंबर वन है. ग्लोबल रैंकिंग में हम रिसर्च के क्षेत्र में नंबर 3 पर हैं.
बीएस यादव, फाउंडर, IES यूनिवर्सिटी
सरकार से हम चाहते हैं कि शिक्षा एक मजबूत हथियार की तरह बनाया जाए. ताकि हम विश्वगुरु और भारत की एक मजबूत नींव रख सके.
मुकेश साहू – LNCT यूनिवर्सिटी
हमने बहुत कम समय में बहुत कुछ हासिल किया है. हमने स्कूल से शुरुआत से की थी. हम अपनी यूनिवर्सिटी को इंटरनेशनल लेवल पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं. हमने कई क्षेत्रों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है. आयुर्वेद समेत कई क्षेत्रों में पुरस्कार मिले हैं.
अनामिका श्रीवास्तव, प्रिंसिपल, मानसरोवर यूनिवर्सिटी
हम विजन की बात करें तो हम अंतरराष्ट्रीय कोलेबोरेशन सेल स्थापित कर रहे हैं. इंटरनेशनल लेवल पर छात्र और शिक्षक के एक्सचेंज का प्रोग्राम रख रहे हैं. एआई जैसे प्लेटफॉर्म के लिए आईआईटी से डील कर रहे हैं.
मीनाक्षी श्रीवास्तव, डीन मैनेजमेंट, मानसरोवर यूनिवर्सिटी
किसी भी देश के विकास के लिए शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण है. मध्य प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करते हैं. परिसर में स्किल की व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए बहुत मेहनत करनी होगी. इससे उनका आत्मबल विकसित होगा.
RNTU चांसलर आरपी दुबे
RNTU चांसलर आरपी दुबे ने कहा कि भारत हमेशा से ज्ञान और साहित्य के लिए जाना जाता रहा है. RNTU चांसलर आरपी दुबे ने कहा कि भारत हमेशा से ज्ञान और साहित्य के लिए जाना जाता रहा है. भारत में प्राचीन काल से ही शिक्षा का महत्व था. पहले तक्षशिला, नालंदा विश्वविद्यालय थे. इसके बाद ऑक्सफोर्ड और अमेरिका के स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी का नाम आता है.
