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Indore News: इंदौर में गहराया जल संकट, 14 वार्डों में सप्लाई ठप, पानी को लेकर लोगों में बढ़ रहा आक्रोश

Water Crisis Deepens in Indore

इंदौर में गहराया जल संकट

Indore News: देश के सबसे स्वच्छ शहरों में गिने जाने वाले इंदौर में इन दिनों पानी का संकट गंभीर रूप ले चुका है. शहर के 85 वार्डों में से 14 वार्ड ऐसे हैं जहां नर्मदा जल सप्लाई और बोरिंग दोनों ही व्यवस्था जवाब दे चुकी हैं. लगातार गिरते जलस्तर और खराब होती जल आपूर्ति के कारण कई इलाकों में लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी पानी जुटाने में परेशानी हो रही है.

टैंकर सप्लाई पर उठ रहे सवाल

प्रभावित क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि कई जगहों पर अब तक नर्मदा पाइपलाइन नहीं पहुंच सकी है, जबकि जो बोरिंग पहले सहारा थीं, वे भी सूख चुकी हैं. रहवासियों ने टैंकर सप्लाई में अनियमितता और भेदभाव के आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि जरूरत के मुकाबले पानी बहुत कम मिल रहा है, जिससे स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है.

पार्षद के बयान पर हुआ विवाद

इसी बीच कुछ जनप्रतिनिधियों के बयान भी विवादों में आ गए हैं. वार्ड 70 के लोकनायक नगर में पानी की समस्या लेकर पहुंचीं महिलाओं को पार्षद भरत सिंह रघुवंशी ने परिवार बड़ा होने को लेकर टिप्पणी करते हुए मुसलमानों का उदाहरण दिया. इस पर महिलाओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब पानी ही उपलब्ध नहीं है तो बड़े परिवार की जरूरतें कैसे पूरी होंगी.

वार्ड 64 में महिलाओं का विरोध

वहीं वार्ड 64 के चितावद क्षेत्र में लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आया है. यहां महिलाओं ने “नल नहीं तो बिल नहीं” का नारा देते हुए विरोध प्रदर्शन किया. स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से पानी की किल्लत झेल रहे हैं, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है. क्षेत्रीय पार्षद मनीष शर्मा मामा ने दावा किया है कि इलाके में आठ टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है और अगस्त तक 30 लाख लीटर क्षमता वाली नई टंकी शुरू कर दी जाएगी.

सीएम हेल्पलाइन में बढ़ीं शिकायतें

शहर में बढ़ती जल समस्या का असर शिकायतों के आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है. अप्रैल महीने में पेयजल और नए कनेक्शन से जुड़ी 1586 शिकायतें दर्ज हुईं, जबकि गंदे और बदबूदार पानी को लेकर भी सैकड़ों शिकायतें सामने आईं. विशेषज्ञों का मानना है कि पुरानी पाइपलाइन, लीकेज और समय पर रखरखाव नहीं होना इस संकट की प्रमुख वजह है.

नगरीय विकास विभाग पर बढ़ा दबाव

नगरीय विकास एवं आवास विभाग पर भी दबाव लगातार बढ़ रहा है. विभाग से संबंधित हजारों शिकायतें अब तक लंबित हैं, जिससे लोगों की परेशानी और प्रशासन की चुनौतियां दोनों बढ़ती जा रही हैं.

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