भीषण गर्मी और सिस्टम का सितम! मुरैना में 64 ग्राम पंचायतों में पानी की किल्लत, छोटे बच्चे-महिलाएं इंतजाम करने 2 KM दूर जाते हैं

सुबह से ही औरतें, छोटे-छोटे बच्चे उठते ही अपने सभी कामों को छोड़कर पानी की आस में घर को छोड़ जाते हैं. हर रोज सुबह से लेकर शाम उनकी इसी काम में बीतती है.
In 64 gram panchayats of Morena, villagers have to go a long distance for water.

मुरैना की 64 ग्राम पंचायतों में पानी के लिए ग्रामीणों को काफी दूर तक जाना पड़ता है.

Input- मनोज शर्मा

MP News: मुरैना के पहाड़गढ़ मुख्यालय पर 64 ग्राम पंचायत हैं, जिनमें सभी में पीने के पानी की किल्लत है. ऐसी एक भी पंचायत नहीं है, जहां पानी की समस्या का हल हो. मानपुर ग्राम पंचायत, जिसमें कई वर्षों से आदिवासी लोग पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं. कई बार जिम्मेदारों को अवगत कराने के बाद भी आज तक स्थिति सुधर नहीं पाई. सुबह से ही औरतें, छोटे-छोटे बच्चे उठते ही अपने सभी कामों को छोड़कर पानी की आस में घर को छोड़ जाते हैं. हर रोज सुबह से लेकर शाम उनकी इसी काम में बीतती है.

कलेक्टर साहब के कर्मचारी लाइन खींच ले गए

मानपुर पंचायत की ग्राम मारा में पानी की स्थिति बहुत ही खराब है. बारिश के समय लोग नाले को पार करते हुए पानी भरकर लेकर आते हैं. इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को भी है लेकिन फिर भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई. धोखा ग्राम पंचायत के शिकारपुरा आदिवासी मोहल्ले के लोग 1-2 दूर तक जाकर पानी भरकर लाते हैं. इसकी भी जानकारी सभी अधिकारियों को है फिर भी आज तक कोई भी कार्रवाई नहीं की गई. पूर्व सरपंच माखन मोगिया का कहना है हमारे हैंड पंप था और पानी भी आता था. कलेक्टर साहब की चौपाल लगने के बाद कर्मचारी आए और लाइन को खींच ले गए. हम आज 2 किलोमीटर दूर से पानी भरकर ला रहे है.

प्राइवेट टैंकरों से खरीदना पड़ रहा है पानी

पहाड़गढ़ मुख्यालय पर पानी की समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है. पानी की गंभीर समस्या का अभी तक कोई हल नहीं निकल पाया है. प्रशासनिक अधिकारी मामले पर मौन करके बैठे हैं. पहाड़गढ़ ग्राम पंचायत में 21 वार्ड हैं, जिनमें से एक भी वार्ड में पानी नहीं पहुंच पा रहा है. इसके कारण जनता के लिए इस भीषण गर्मी में मुसीबत बढ़ गई है. विस्तार न्यूज की टीम ने जब पहाड़गढ़ पंचायत के वार्ड में भ्रमण किया तो पता चला कि पानी का स्रोत पर्याप्त मात्रा में हैं, लकिन व्यवस्था दुरुस्त ना होने के कारण पानी नहीं मिल पा रहा है. आलम ये है कि वार्ड के लोगों को प्राइवेट टैंक द्वारा पानी की पूर्ति करनी पड़ती है. जिसके लिए लोगों से 500 रुपये लिए जाते हैं. वार्ड क्रमांक 1, 2 3, 4, 14, 15, 17 और 18 इन वार्डों में सबसे ज्यादा पानी की समस्या है.

सर्वे के बाद भी नहीं बिछी पाइपलाइन

पहाड़गढ़ में हनुमान जी घाटी नीचे बागा वाले बोरसे में लाइन बची हुई है. पहाड़गढ़ से 1 किलोमीटर में लाइन बिछाने के लिए और 6 किलोमीटर साइक्लोन बचाने के लिए सर्वे की किया गया. मार्च से पहले पाइप लाइन बिछाने के लिए कहा गया था, लेकिन आज तक काम नहीं शुरू हुआ.

मुख्यालय पर तो ये स्थिति ऐसी है, वहीं पहाड़गढ़ का क्षेत्र जंगली क्षेत्र है, उन जगहों पर एक-एक किलोमीटर दो-दो किलोमीटर दूर से पानी भरकर जनता को लाना पड़ता है. पहाड़गढ़ के सरपंच और सचिन दोनों मस्त हैं और जनता पानी से त्रस्त है.

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