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MP News: भोपाल-इंदौर समेत चार संभागों में आज से गेहूं खरीदी शुरू, मंत्री और विधायक किसानों का तिलक लगाकर स्वागत करेंगे

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MP News: मध्य प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में आज से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी की प्रक्रिया शुरू हो गई है. किसानों को इस बार 2,585 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य मिलेगा, साथ ही 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जाएगा. राज्य सरकार ने खरीदी व्यवस्था को आसान बनाने के लिए पहले से ही पंजीकृत किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग शुरू कर दी थी, जिससे किसान अपनी सुविधा के अनुसार समय तय कर अपनी उपज बेच सकें.

बड़ी संख्या में किसानों ने कराया पंजीयन

प्रदेशभर में लगभग 19 लाख 40 हजार किसानों ने गेहूं खरीदी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है. यह आंकड़ा दर्शाता है कि इस बार बड़ी संख्या में किसान समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने के लिए तैयार हैं. सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से किसानों को उचित दाम मिलेगा और उन्हें बाजार की अनिश्चितता से राहत मिलेगी.

खरीदी केंद्रों पर किसानों का होगा सम्मान

सरकार के निर्देश पर विभिन्न खरीदी केंद्रों पर जनप्रतिनिधि पहुंचकर किसानों का तिलक लगाकर स्वागत करेंगे. इससे किसानों के सम्मान को बढ़ावा देने के साथ-साथ उनके मनोबल को भी मजबूत करने की कोशिश की जा रही है. यह पहल सरकार की किसान हितैषी छवि को भी दर्शाती है.

खरीदी में देरी पर राजनीति तेज

इस बार गेहूं खरीदी की शुरुआत थोड़ी देर से हुई है, जिस पर सरकार ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को जिम्मेदार बताया है. वहीं विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साध रहा है और इसे किसान विरोधी कदम बता रहा है. ऐसे में खरीदी को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म बना हुआ है.

खरीदी पर सरकार की निगरानी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर खरीदी व्यवस्था पर प्रशासनिक स्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है. सरकार ने बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का दावा किया है और भविष्य में समर्थन मूल्य को 2700 रुपये प्रति क्विंटल तक ले जाने की बात कही है.

हेल्प डेस्क और कंट्रोल रूम की सुविधा

उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क बनाए गए हैं, जबकि जिला स्तर पर कंट्रोल रूम भी स्थापित किए गए हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय से भी पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी. इसके अलावा किसानों को योजनाओं की जानकारी देने के लिए पंपलेट और होर्डिंग के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें.

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