MP के मंदसौर में विराजमान है 1300 साल पुरानी कुबेर की मूर्ति, मंदिर को उड़ाकर लाए थे यति
शिवेंद्र कुशवाहा
मंदसौर कुबेर मंदिर
कुबेर का यह मंदिर मंदसौर शहर से तीन किलोमीटर दूरी पर खिलचीपुरा गांव में स्थित है. मान्यता के अनुसार देश में दो ही ऐसे मंदिर है जहां भगवान कुबेर शिव परिवार के साथ विराजमान हैं. यहां कुबेर देव के साथ धोलागिरी महादेव, माता पार्वती और गणेश जी की मूर्तियां भी स्थापित हैं.इतिहासकारों के अनुसार, यहां की कुबेर की मूर्ति करीब 1300 साल पुरानी है और 7वीं शताब्दी की बताई जाती है.भगवान कुबेर चार भुजाओं वाले रूप में नेवले पर सवार हैं और उनके हाथों में धन की पोटली, प्याला और शस्त्र हैं.मंदिर का निर्माण मराठा काल में हुआ माना जाता है और इसके गर्भगृह में आज तक कभी ताला नहीं लगाया गया है.गर्भगृह का दरवाजा सिर्फ तीन फीट का है, जहां से भक्त सिर झुकाकर दर्शन करके बाहर निकलते हैं.मान्यता है कि यह मंदिर बनाया नहीं गया था, बल्कि यतियों द्वारा उड़ाकर लाया गया था, इसलिए इसकी कोई नींव नहीं है.धनतेरस के दिन सुबह 4 बजे यहां विशेष पूजा होती है, जिसके बाद भक्तों को दर्शन का मौका मिलता है.कई भक्त यहां की मिट्टी ले जाकर अपनी तिजोरी में रखते हैं, मान्यता है कि इससे कभी धन की कमी नहीं होती है.