Laxmi Narayan Yoga Lucky Zodiacs: पितृ पक्ष को पूर्वजों को याद करने, श्राद्ध और तर्पण करने का समय माना जाता है. इस बार पितृ पक्ष की शुरुआत के आसपास ग्रहों की स्थिति भी ज्योतिष के लिहाज से खास बताई जा रही है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 26 सितंबर को शुक्र तुल राशि में प्रवेश करेंगे. इस राशि में पहले से बुध मौजूद हैं. ऐसे में बुध और शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण योग बनने की बात कही जा रही है. इसके अगले दिन यानी 27 सितंबर से पितृ पक्ष की शुरुआत होगी. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस योग का असर कुछ राशियों के धन, करियर और कारोबार से जुड़े मामलों पर देखनी को मिल सकता है.
क्या होता है लक्ष्मी नारायण योग?
- ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, व्यापार और संचार से जुड़ा ग्रह माना जाता है.
- जब बुध और शुक्र एक ही राशि में साथ होते हैं, तो इसे लक्ष्मी नारायण योग कहा जाता है.
- ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस योग को आर्थिक और व्यावसायिक मामलों के लिए शुभ माना जाता है.
मिथुन राशि
- मिथुन राशि के जातकों के लिए यह योग कामकाज के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
- नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों के रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं.
- मीडिया, लेखन, कम्युनिकेशन और मार्केटिंग से जुड़े लोगों को काम के नए अवसर मिलने की संभावना बताई जा रही है.
तुला राशि
- लक्ष्मी नारायण योग तुला राशि में बनने जा रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों की खास तौर पर चर्चा हो रही है.
- व्यापार करने वालों को नए संपर्क बनाने और काम का विस्तार करने के मौके मिल सकते हैं.
- लंबे समय से किसी कागजी प्रक्रिया में अड़चन आ रही है तो उसमें भी आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं.
कुंभ राशि
- कुभ राशि के जातकों के लिए लक्ष्मी नारायण योग को करियर और आय के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
- नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है या किसी नए प्रोजेक्ट पर काम करने का मौका मिल सकता है.
- आय के एक से अधिक स्रोत बनने की संभावना भी बताई जा रही है.
- निजी जीवन की बात करें तो रिश्तों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
