Pitru Paksha 2026: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष में कुछ जीवो का घर के आसपास दिखाई देना भी खास संकेत माना जाता है. कहा जाता है कि इन जीवों के जरिए पितर अपनी उपस्थिति का संकेत देते हैं और परिवर से प्रसन्न होने का संदेश देते हैं. आइए जानते हैं ऐसे 5 जीवों के बारे में.
मान्यता है कि श्राद्ध के दौरान पूर्वजों की पसंद के भोजन को भोग में शामिल करना शुभ माना जाता है. पितरों को भोजन अर्पित करने के लिए कई तरह के पकवान बनाए जाते हैं. इनमें उड़द की दाल का विशेष महत्व बताया गया है.
Pitru Paksha 2026: शास्त्रों में खान-पान, व्यवहार और दैनिक जीवन से जुड़े कुछ विशेष नियमों का पालन करने की भी बात कही गई है. हिंदू धर्म ग्रंथों में पितृ पक्ष के दौरान कुछ कामों को करने से मना किया गया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि पितृ पक्ष के दौरान कौन-कौन से काम नहीं करने चाहिए.
Laxmi Narayan Yoga Lucky Zodiacs: द्रिक पंचांग के अनुसार, 26 सितंबर को शुक्र तुला राशि में प्रवेश करेंगे. इस राशि में पहले से बुध मौजूद हैं. ऐसे में बुध और शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण योग बनने की बात कही जा रही है. इसके अगले दिन यानी 27 सितंबर से पितृ पक्ष की शुरुआत होगी.
Essential Tasks Before Shradh: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृ पक्ष के दौरान बाल कटवाना, दाढ़ी बनवाना और नाखून काटना उचित नहीं माना जाता. इसे सादगी और संयम से जुड़ी नियमों से जोड़ा जाता है. इसलिए इन कामों को पितृ पक्ष से पहले ही कर लें.
Shradh Ke Prakar: पितृपक्ष 7 सितंबर से 21 सितंबर 2025 तक मनाया जाएगा, जिसमें श्राद्ध और तर्पण से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार 12 प्रकार के श्राद्ध और 3 प्रकार के पितरों का उल्लेख मिलता है, जिनसे सुख-समृद्धि और आशीर्वाद की प्राप्ति होती है.
Pitru Paksha 2025: पितृपक्ष में खरीदारी को लेकर कोई शास्त्रीय प्रतिबंध नहीं है. विद्वानों का मानना है कि इस समय को श्रद्धा और भक्ति से पूर्वजों की स्मृति में मनाना चाहिए.
Shradh Puja Vidhi: हर साल पितृ पक्ष में पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि पिंडदान करने के बाद पितृ लोग स्वर्ग चले जाते हैं. जानिए पिंडदान की सही विधि-