हिंदू परिवार अब नवरात्रि त्योहार का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. नवरात्रि हिंदुओं के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है. देशभर में इस पावन त्योहार को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. मान्यता है कि नवरात्रि में सच्च मन से पूजा करने पर भक्तों के जीवन के सभी दुख और कष्ट दूर हो जाते हैं. आइए जानते हैं कि इस साल शारदीय नवरात्रि कब से शुरू हो रही है और कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है.
इस साल नवरात्रि कब से शुरू हो रही है?
देशभर में नवरात्रि को लेकर उत्साह और खुशी का माहौल है. भक्त मां दुर्गा की मूर्ति स्थापना की तैयारी में जोर-शोर से जुटे हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल शारदीय नवरात्रि का शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 दिन रविवार से हो रही है. यह पर्व 20 अक्टूबर मंगलवार यानी विजयादशमी तक चलेगा.
इस बार 10 दिनों की होगी नवरात्रि
आमतौर पर शारदीय नवरात्रि नौ दिनों की होती है. इन नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है. लेकिन इस साल 2026 में तिथियों में बदलाव हो रहा है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, इस बार सप्तमी तिथि दो दिन रहेगी. इसी वजह से नवरात्रि एक दिन बढ़ जाएगी और कुल 10 दिनों की होगी.
शारदीय नवरात्रि 2026 का शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, 11 अक्टूबर को प्रतिपदा तिथि है. इसी दिन घटस्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी. प्रतपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात 9:19 बजे से शुरू होगी और 11 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे तक रहेगी.
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त (11 अक्टूबर 2026)
- प्रातःकालीन शुभ मुहूर्त: सुबह 06:31 बजे से सुबह 10:27 बजे तक.
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:49 बजे से दोपहर 12:37 बजे तक.
- लाभ और अमृत चौघड़िया: सुबह 10:04 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक.
नवरात्रि के पहले दिन की पूजा विधि
- सबसे पहले पूजा वाली जगह को अच्छे से साफ कर लें. इसके बाद मां दुर्गा की मूर्ति या फोटो स्थापित करें.
- माता रानी को लाल फूल, इत्र, फल, मिठाई, मेवे और श्रृंगार का सामान अर्पित करें.
- इसके बाद एक मट्टी के बर्तन या कलश में जल भरकर स्थापित करें. कलश के ऊपर नारियल रखें और उस पर लाल चुनरी लपेट दें.
- अंत में माता रानी की आरती करें और सभी में प्रसाद बांटें.
