UP News: अयोध्या में राम मंदिर में दान पेटिका में चोरी के मामले में शंकराचार्यों से हस्तक्षेप की मांग की गई है. कांग्रेस युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने चारों शंकराचार्यों को पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने अयोध्या आकर संतों और आम जनों से पूरे मामले पर बात करने की अपील की है. कांग्रेस नेता ने बताया कि ये धन की बल्कि राम भक्तों के विश्वास की चोरी है.
‘भक्त धन नहीं चढ़ाता, विश्वास चढ़ाता है’
शरद शुक्ला ने कहा, ‘राम मंदिर में जब कोई भक्त धन चढ़ाता है, तो वो कोई सामान्य धन नहीं होता है. धन के साथ ही वह विश्वास भी चढ़ाता है. वहां जो बंदरबांट हुई है. धन की चोरी नहीं हुई है, राम भक्त के विश्वास की चोरी हुई है. एसआईटी की जांच हो रही है. जांच प्रभावित हो, मैं ऐसा नहीं चाहता हूं.
सनातन के शीर्ष पद पर जो आसीन हैं. वो हस्तक्षेप करें. जो भी चारों शंकराचार्य हैं मैंने उनको पत्र भेजा है. चारों शंकराचार्यों को अलग-अलग पत्र भेजा है.’
‘शंकराचार्य मंदिर के संतों और आमजनों से संवाद करें’
शुक्ला ने बताया कि उन्होंने शंकराचार्यों से अपील की है कि वो अयोध्या आएं. यहां आकर संतों और आम लोगों से संवाद करें. जिससे उन्हें यहां की सही जानकारी का पता चलेगा. शंकराचार्य को दखल देना चाहिए, ताकि भविष्य में भक्तों के साथ खिलवाड़ वाली इस तरह की कोई भी घटना ना हो.
‘आरोपियों को अब तक पद से नहीं हटाया गया’
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका गुप्ता ने दान चोरी को लेकर सरकार पर हमला बोला है. प्रियंका गुप्ता ने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया. बंद लिफाफे में ही सौंपा गया है. रिपोर्ट को सबके सामने लाया जाना चाहिए, जिससे पता चले कि उसमें क्या है. कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि जिन लोगों पर आरोप हैं उनको अभी तक पद से नहीं हटाया गया है. प्रियंका ने कहा कि अब ट्रस्ट पर किसी का ट्रस्ट नहीं रह गया है, इसलिए इसे भंग कर देना चाहिए.
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