चंदा चोरी में कोई नहीं ‘क्लीन’, SIT ने सरकार को सौंपी अपनी रिपोर्ट, किन-किन पर केस दर्ज करने की सिफारिश?
राम मंदिर
SIT investigation, preliminary report: अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी मामले की जांच एसआईटी को सौंपी गई थी . मंगलवार को SIT ने अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है. सबसे खास बात यह है कि एसआईटी ने अपनी जांच में किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी है. सूत्रों के मुताबिक, इसमें FIR दर्ज करने और ट्रस्ट को दोबारा गठित करने की सिफारिश की गई है.
एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट गृह विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजय प्रसाद को रिपोर्ट सौंप दी है. टीम ने यह भी कहा कि अभी केवल शुरुआती 20 पेज की रिपोर्ट पेश की गई है. जिसमें 150 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई थी. इसी के बाद इसको तैयार किया गया है. रिपोर्ट में कुछ कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश भी की गई है.
अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने इस रिपोर्ट को गोपनीय बताया. गृह सचिव को रिपोर्ट सौंपने के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘ये शासन की बनाई गई तीन सदस्यीय SIT कमिटी की रिपोर्ट है, जो अपर गृह सचिव को सौंपी गई.
एसआईटी ने क्या-क्या सिफारिशें की हैं?
एसआईटी ने अपनी जांच में सबसे बड़ी बात यह कही है कि पूरे मामले में पिछले 5 साल के चढ़ावे का ऑडिट कराया गया. जिससे साफ होगा कि आखिर कितने रुपये की चंदा चोरी की गई है. इसके अलावा चढ़ावे में अनियमितता रोकने के लिए सुझाव दिए गए हैं.
अब तक 2 करोड़ की रिकवरी
राम मंदिर चोरी मामले में 5 आरोपियों लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू की निशानदेही पर 2 करोड़ रुपए की रिकवरी हो चुकी है. इसके अलावा, चंपत राय के करीबी टिन्नू के घर से सोना मिला था. शुरुआती अनुमानों की मानें तो यह चंदा चोरी करीब 200 करोड़ रुपये तक की हो सकती है.
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